धनघटा गांव के कोटेदार द्वारा राशन की चीनी ब्लैक करने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसील दिवस पर पहुंचे डीएम ने छापेमारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम के निर्देश पर तत्काल नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। इस दौरान टीम को कोटेदार चीनी ब्लैक करते मिला। वहीं प्रधान के घर से 22 राशन कार्ड बरामद हुए। डीएम ने कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने और प्रधान के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश डीएसओ को दिया है।
बुधवार को धनघटा तहसील सभागार में जब डीएम डॉक्टर सरोज कुमार जन समस्या सुन रहे थे। इसी बीच धनघटा गांव के अमर सिंह शिकायती पत्र लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव का कोटेटार चीनी ब्लैक कर रहा है और गरीबों का राशन कार्ड प्रधान के घर हैं। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम गठित की और पुलिस बल के साथ छापेमारी करने का निर्देश दिया। टीम पहले कोटेदार के घर पहुंची जहां कोटेदार गांव के एक व्यक्ति को चीनी तौल रहा था।
पूछने पर बताया कि इनके लड़की की शादी है उसी के लिए चीनी दी जा रहा है। मौके पर चीनी ब्लैक करते हुए पकड़े जाने पर टीम ने कोटेदार को अपने साथ लेकर प्रधान के घर छापेमारी करने पहुंची। प्रधान के घर से टीम ने 22 लोगों के राशन कार्ड बरामद हुए। टीम कोटेदार और प्रधान से पूछताछ की।
इस संबंध में सप्लाई इंस्पेक्टर आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि छापेमारी में कोटेदार चीनी ब्लैक करते हुए पकड़ा गया है। प्रधान के घर से 22 राशन कार्ड बरामद हुए हैं। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। डीएम के निर्देश पर कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के साथ ही प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी।