हत्यारोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया।
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मेंहदावल क्षेत्र के बरनापुर गांव निवासी आवाज सिंह(11) हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने शनिवार को सांडेखुर्द के पास से गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड की मुख्य वजह अवैध संबंध बताया जा रहा है। वहीं पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि बरनापुर गांव निवासी 11 वर्षीय आवाज सिंह पुत्र दिवंगत गजेंद्र सिंह 22 अप्रैल को गांव से दुधारा क्षेत्र में जा रही एक बारात को देखने गया था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। इस संबंध में किशोर की मां ने बढ़या ठाठर गांव निवासी इंद्रजीत यादव के ऊपर बेटे को गायब करने का शक जताते हुए केस दर्ज कराया था।
इस आधार पर एसओ सुधीर शनिवार को सांडे खुर्द गांव के पास से आरोपी इंद्रजीत को गिरफ्तार कर उससे सख्ती से पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने मित्र रवींद्र यादव निवासी बढ़या ठाठर टोला रामनगर के साथ मिलकर आवाज की हत्या की। 22 अप्रैल को वह आवाज को उसके गांव से दूर ले गया। जहां रस्सी से गला कस कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को गोरखपुर जिले के कैम्यिरगंज थाना क्षेत्र में गायघाट के पास राप्ती के किनारे झाड़ियों के बीच बालू के ढेर में छिपा दिया।
हत्यारोपी की निशानदेही पर कैंम्यिरगंज क्षेत्र में राप्ती के किनारे से अपहृत आवाज सिंह का शव, कपड़े और चप्पल आदि बरामद कर ली गई। किशोर की मां ने शव के शिनाख्त की पुष्टि की। कैंपियरगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी के मुताबिक पकड़े गए हत्यारोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता रघुवीर का आवाज के घर काफी आना-जाना था।
उसके पिता अधिक समय वहां गुजारते थे। उस परिवार की एक महिला से पिता की नजदीकियां होने की वजह से उसने घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। 22 अप्रैल को बारात देखने गए आवाज सिंह को अच्छा मौका पाकर अपनी बाइक पर बैठा कर ले गया और फिर दोस्त रवींद्र यादव के साथ मिल कर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी इंद्रजीत यादव को अपहरण और हत्या कर शव छुपाने के मामले में केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया। जबकि दूसरे आरोपी रवींद्र यादव की तलाश पुलिस कर रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।