मड़या की रहने वाली महिला ने दो लाख की फिरौती के लिए सास और जेठ को अगवा कर लेने की जानकारी पुलिस को दी है। दो लाख की फिरौती के लिए दो लोगों के अपहरण की चर्चा से सनसनी फैल गई। हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस मामला लेन-देन के विवाद का मान रही है।
महुली क्षेत्र के धरमैनी गांव निवासी राखी पांडेय पत्नी रामेश्वर उर्फ राजू पांडेय अपने दो बच्चों और सास के साथ खलीलाबाद के मड़या मोहल्ले में किराए पर रहती हैं। रामेश्वर की खलीलाबाद में जूते-चप्पल की दुकान है। राखी का कहना है कि उसके पति 23 जुलाई (शनिवार)को दुकान का सामान लेने फैजाबाद गए थे। इसी बीच दोपहर में बोलेरो सवार कुछ लोग आए और उनकी सास बिंदु पांडेय को अगवा कर ले गए। उसके जेठ राजन पांडेय उर्फ राजेश्वर पांडेय जो गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में रहते हैं, वह भी उस गाड़ी में मौजूद थे।
राखी के मुताबिक शनिवार शाम सवा पांच बजे से छह बजे के बीच में उनके मोबाइल पर जेठ राजन पांडेय के मोबाइल से तीन बार फोन आया। जिससे अपहरण और फिरौती के संकेत मिले। इसके बाद दो बार उन्होंने सास को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं से मनुहार के लिए फोन किया। वहीं रविवार को सुबह साढ़े आठ और साढ़े 11बजे भी फोन आया।
फोन करने वाले ने दो लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर जेठ और सास को जान से मारने की धमकी दी। शनिवार को फोन आने के बाद उन्होंने ने 100 नंबर पर डायल किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। रविवार को पति के घर लौटने पर उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी।
राखी ने जेठ और सास के अपहरण के साथ ही अपहरणकर्ताओं से अपने परिवार को खतरे की आशंका जताते हुए कोतवाली पुलिस को रविवार को तहरीर दी है। गोला बाजार के चौकी इंचार्ज जेएन तिवारी ने बताया कि कोतवाल ने प्रकरण की जांच उन्हें सौंपी है। अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक राजन पांडेय ने कुछ लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लेन-देन किया है। मामला उसी विवाद से जुड़ा लग रहा है। जांच की जा रही है।