फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे में चाचा की मौत, भतीजा घायल

Sun, 10 Jun 2018 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पीएम हाउस पर गमगीन खडे़ नेबूलाल के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के देवरिया गंगा के पास शनिवार की सुबह किसी वाहन की टक्कर से बाइक सवार सवार चाचा की मौत हो गई जबकि भतीजा घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भेजवाया जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
विज्ञापन


पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  महुली क्षेत्र के टुंपार निवासी 52 वर्षीय नेबूलाल गुजरात के गांधीनगर शहर में रहकर मजदूरी करते थे। वे घर पर आए थे और शनिवार को सुबह उनकी ट्रेन थी।

ट्रेन पकड़ने भतीजे राजू (28) के साथ बाइक से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन आ रहे थे। अभी वे कोतवाली क्षेत्र के देवरिया गंगा के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। नेबूलाल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राजू गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन


घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल भेजवाया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक नेबूलाल के रिश्तेदारों ने बताया कि नेबूलाल गुजरात के गांधी नगर में रहकर कपड़ा प्रेस करने का काम करते थे। जिससे उनके परिवार की रोजी रोटी चलती थी।  

कुछ घंटे बाद ही आ गई मौत की सूचना              
धनघटा। घर से रोजी रोटी कमाने के लिए गुजरात के गांधीनगर शहर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने निकला था। परिजनों ने खुशहाल जिंदगी की उम्मीद में नेबूलाल को बड़े अरमानों के साथ विदा किया था। घर से निकलने के चंद घंटे बाद ही उसकी मौत की सूचना मिली तो कोहराम मच गया।                    

ग्राम टुंपार निवासी 52 वर्षीय नेबूलाल डेढ़ माह पूर्व मां के अंतिम क्रिया-कर्म में शामिल होने आए थे तभी से वह घर पर ही रह गए। शनिवार को चार बजे भोर में ही अहमदाबाद की गाड़ी पकड़ने के लिए घर से निकले थे। पड़ोस के ही राजू कन्नौजिया पुत्र अदालत अपनी बाइक से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर छोड़ने जा रहा था।

गंगा देवरिया के पास हुई मार्ग दुर्घटना में जहा नेबूलाल की मौत हो गई वही रञाजू मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घर पर नेबूलाल के मौत की सूचना पहुंची तो पत्नी धनावती कन्नौजिया का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

एक बेटी की शादी करने के बाद नेबूलाल 17 वर्षीय दीपा के शादी की तैयारी में लगा था। जबकि 15 वर्षीय संध्या, आठ वर्षीय नीतेश बेटा और छह वर्षीय बेटी साधना पिता की मौत पर बिलख रहे थे। मौजूद लोग भी बच्चो की चीख पुकार सुन भावुक हो उठे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें