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हाइवे जाम किया, सिपाही निलंबित 

Fri, 12 Aug 2016 11:06 PM IST
Sant Kabir Nagar
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जाम के दौरान चौकी के पुलिस कर्मियों और गांव के लोगों की नोकझोंक भी हुई। - फोटो : अमर उजाला
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चोरी के आरोप में कांटगंगा गांव के युवक को जेल भेजने से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को कांटे चौकी के सामने ही बैरियर लगाकर खलीलाबाद-लखनऊ हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। ये लोग चौकी के एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। सीओ और कोतवाल ने किसी तरह लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसी बीच एसपी भी वहां पहुंचे, लोगाें द्वारा जानकारी देने पर उन्होंने सिपाही को सस्पेंड कर दिया। उधर, जाम से करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। 
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दरअसल, कांटगंगा गांव के लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। हाल ही में कांटे चौकी के समीप ही चार जगह चोरी की घटनाएं हुईं। वारदातों को रोक पाने में असफल चौकी पुलिस ने गांव के राजन पुत्र मुराली को नौ अगस्त को पकड़ लिया। इस दौरान उससे रकम की मांग की गई। जब राजन ने मांग पूरी नहीं की तो उसे गलत तरीके से जेल भेज दिया गया। 

शुक्रवार को जब गांव के कुछ लोग वार्ता के लिए पहुंचे तो चौकी से सिपाहियों ने भगा दिया। हद तो यह हो गई कि महिलाओं को अपशब्द बोलकर भगाने की कोशिश की गई। जब बात गांव में पहुंची तो बड़ी संख्या में लोग हाईवे स्थित चौकी पर पहुंचे और चौकी पर रखे बैरियर को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। लोगों ने चौकी पर तैनात सिपाही सुशील मणि त्रिपाठी को दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 
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चौकी प्रभारी राम भवन यादव ने लोगों से वार्ता की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। जब बलपूर्वक जाम को हटाने की कोशिश की गई तो  गुस्साए लोग लाठी-डंडे लेकर खड़े हो गए। जानकारी पर आर के सिंह और कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने फिर बैरियर हटाने की कोशिश की तो ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक होने लगी। गांव के लोगों ने बताया कि चौकी पर अवैध वसूली की जाती है और वाहनों को चालान करके सड़क के बगल में  ही खड़ा कर दिया जाता है। जिसकी वजह से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। किसी तरह गांव वाले माने। 

इसी बीच एसपी शैलेष कुमार पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। गांव वालों ने एसपी को अपनी समस्याएं बताई और कार्रवाई की मांग की। एसपी शैलेश ने बताया कि गांव वालों ने सिपाही सुशील मणि त्रिपाठी पर आरोप लगाया कि उसने फर्जी तरीके से राजन नामक युवक को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया। जबकि दुर्घटना के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौते बाद भी रकम की वसूली कर ली गई। कुछ अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका पर भी गांव वालों ने सवाल खड़ा किया है। सिपाही सुशील को निलंबित कर दिया है और अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी। 
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