तितौवा चौराहे पर गुरुवार को छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष पर हुई फायरिंग की नींव 2012 के छात्रसंघ चुनाव में पड़ी थी। इस चुनाव में धीरज और शुभम आमने-सामने छात्र संघ उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे थे। जिसमें धीरज विजयी हुए थे। इसके बाद के चुनावों में दोनों ने अलग-अलग प्रत्याशियों को अपना समर्थन दिया था।
एचआरपीजी कॉलेज में वर्ष 2012 के छात्र संघ चुनाव में धीरज कुमार पांडेय और शुभम राय उपाध्यक्ष पद पर आमने- सामने चुनाव लड़े थे। जिसमें धीरज पांडेय उपाध्यक्ष पद पर चुनाव जीत गए थे। वहीं से दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हो गया था। जब वर्ष 2013 में छात्र संघ का चुनाव हुआ तो शुभम राय ने अपनी बहन को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बना कर मैैैदान में उतारा था। जबकि धीरज ने अध्यक्ष पद के दूसरे प्रत्याशी का समर्थन दिया था।
इससे दोनों में अदावत बढ़ती गई। हालांकि मामला हाईकोर्ट में चले जाने की वजह से 2013 के चुनाव का परिणाम घोषित नहीं हुआ। बाद में सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसकी वजह से दो सत्र में चुनाव नहीं हुआ था। 2016 में एक बार फिर चुनाव हुआ। इसमें भी दोनों अध्यक्ष पद पर अलग-अलग प्रत्याशियाें को समर्थन दिया। हालांकि दोनों प्रत्याशी हार गए। बृहस्पतिवार शाम को दोनो के बीच तितौवा चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर विवाद हो गया। आरोप है कि शुभम ने धीरज को गोली मार दी। प्रत्यक्षदर्शी बताते है कि घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सिपाहियों पर शुभम ने पिस्टल भी तानी ः संतकबीरनगर। तितौवा चौराहे पर गोली चलने की जैसी ही सूचना मिली, वैसे ही चीता मोबाइल में तैनात पुलिस कर्मी पुष्पेंद्र राय और अखिलेश बाइक से वहां पहुंच गए। दोनों सिपाहियों ने दिलेरी दिखाते हुए भाग रहे शुभम राय को दौड़ा कर पकड़ लिया। सिपाहियों ने बताया कि भागते समय शुभम ने पिस्टल तानकर डराने की प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस कर्मियों ने हिम्मत दिखाई और उसे धर दबोचा। उसके पास से पिस्टल और खोखा भी बरामद हुआ।
अनहोनी की आशंका से सहमे लोग ः संतकबीरनगर। करीब दस साल पूर्व चुनावी रंजिश में छात्र नेता रहे राकेश मौर्या की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान शहर में छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया था। ऐसे में तितौवा चौराहे पर हुए गोली कांड के बाद कस्बे के लोग सहमे हुए हैं। हालांकि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं पुलिस का दावा है कि शांति व्यवस्था को कोई खतरा नहीं है। जो भी कानून को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।