मामला बिगड़ता देख एसडीएम और सीओ की अगुआई में पुलिस ने भीड़ को तहसील परिसर से बाहर खदेड़ा।
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मेंहदावल तहसील में शुक्रवार को पोखरों की नीलामी के दौरान खजुरी गांव में पोखरों की नीलामी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। एक ओर पूर्व विधायक ताबिश खां के पक्ष के लोग नीलामी कराने पर अड़े थे, तो प्रधान पक्ष के लोग खजुरी गांव में नीलामी न होने देने की मांग कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तकरार भी हुई। मामला बिगड़ता देख एसडीएम रामजीवन और सीओ उत्तम सिंह की अगुआई में पुलिस ने भीड़ को तहसील परिसर से बाहर खदेड़ा। इसके बाद नीलामी प्रक्रिया को स्थगित कर दी गई।
बेलहर और सांथा क्षेत्र के कुल 10 पोखरों की नीलामी शुक्रवार को निर्धारित थी। जिसमें सिकरी, बंजरिया, महुअरपुर, पकरीअराजी डिबहारी, राजेडीहां, कुुसुम्हां समेत खजूरी गांव के चार पोखरे की नीलामी प्रक्रिया चल रही थी। सिकरी, पकरीअराजी, खजूरी, कुसुम्हां गांव के लोगों ने पोखरे की नीलामी रुकवाने की अपील करते हुए पोखरे की पैमाइश कराने की मांग शुरू कर दी। इसी बीच खजूरी गांव के प्रधान ने भी पैमाइश कराकर नीलामी करवाने की मांग की। जबकि खजूरी गांव में पूर्व विधायक मो. ताबिश खां नीलामी कराने पर अड़ गए। प्रधान का पक्ष नीलामी को पैमाइश कराने के बाद ही कराने की मांग पर अड़ा था।
आरोप था कि गुपचुप तरीके से नालामी कराई जा रही है। मामला तनातनी पर आ गया। इसमें दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। तहसील प्रशासन ने तनातनी देख फोर्स बुलाई और दोनो पक्षों को परिसर से बाहर कर दिया। एसडीएम रामजीवन ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के बाद ही नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। एसओ सुधीर सिह ने बताया कि पूर्व विधायक और प्रधान पक्ष के लोग विवाद कर रहे थे। दोनों पक्षों को तहसील परिसर से बाहर कर दिया गया। एक पक्ष गुपचुप तरीके से पोखरे की नीलामी होने का आरोप लगाते हुए रोक लगाने की मांग कर रहा था,जबकि दूसरा पक्ष नीलामी कराने पर अड़ा था। अभी तक इस मामले में किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।