महुली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव के एक युवक ने क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप आरोप लगाया है। उसके अनुसार गोली कार के नंबर प्लेट पर लगने का दावा किया। मामला बृहस्पतिवार को कोल्हुआ गांव में हुए मारपीट के मामले से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित युवक ने हिस्ट्रीशीटर और उसके तीन साथियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
कोल्हुआ गांव निवासी विकास श्रीवास्तव पुत्र संतकुमार के परिवार और नीबा होरिल गांव निवासी सियाराम सिंह पुत्र कालीचरण सिंह के भतीजे विनय प्रताप सिंह से गुरुवार को कोल्हुआ गांव में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई थी। एक पक्ष से विकास और उसके भाई अनिरुद्ध और दूसरे पक्ष से विनय प्रताप, रामाराव और मोनू का शांति भंग में चालान हुआ था। शुक्रवार को दोनों पक्षों ने एसडीएम घनघटा के न्यायालय से जमानत कराई । विकास श्रीवास्तव का आरोप है कि वह जमानत कराकर अपने भाई अनिरुद्ध और दो अन्य सहयोगियों के साथ कार से घर जा रहे थे। रास्ते में गिठिनी चौराहे पर पहुंचे थे। उसी दौरान हिस्ट्रीशीटर सियाराम सिंह उसकी कार के सामने अपनी गाड़ी रोक दी।
आरोप है कि सियाराम को असलहा निकालता देख विकास कार से निकल कर भागने लगा। उसे मारने के लिए सियाराम ने फायर किया, लेकिन गोली कार के नंबर प्लेट पर लग गई। उसने भागकर अपनी जान बचाई और 100 नंबर पर इसकी सूचना दी। सूचना पर एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गिठिनी चौराहे पर बताए गए घटना स्थल की जांच की। विकास और उसके सहयोगियों का दावा है कि उन लोगों ने पुलिस को गाड़ी के नंबर प्लेट में लगी गोली का बुलेट सौंप दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सियाराम सिंह के घर नीबा होरिल में दबिश दी और आरोपी के भाई श्रीराम सिंह को थाने पकड़ कर ले गई।
वहीं गिठनी चौराहे पर घटना स्थल के आसपास के मौजूद दुकानदारों ने पुलिस की पूछताछ में कार सवार विकास और उसके साथियों से सियाराम सिंह के बीच कहासुनी और बात विवाद की बात स्वीकार की लेकिन गोली चलने की आवाज सुनने की बात पर लोग चुप्पी साध गए। एसओ रमेश यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर हिस्ट्रीशीटर सियाराम सिंह और उसके तीन अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया। पीड़ित पक्ष के जरिए सौंपे गए बुलेट और कार की प्रथम दृष्टया जांच से न तो बारूद की गंध आ रही है, और न ही वर्निग प्वाइंट प्रतीत हो रहा है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।