सेमरियावां/लोहरौली। पिपरा गोविंद निवासी दो छात्रों की ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबकर हुई मौत से दोनों परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव के लोग बारी-बारी दोनों परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे थे। परिवार के लोगों की चीख-पुकार सुन ढांढस बंधाने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं। छात्रों की मौत से दोनों परिवार का सपना टूट गया।
आफताब चार भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। पिता मजहर अली ने बताया कि आफताब पढ़ने में होनहार था। बेटे को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसलिए उसे एक अच्छे निजी विद्यालय में पढ़ा रहे थे। उनका सपना था बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। बेटे की असामयिक मौत से उनका सपना चकनाचूर हो गया। बेटे की बातों को याद कर वे रोने लगते थे। आफताब की माता तसीबुन्निसा और बहनों का रो-रो कर बुरा हॉल था।
बेटे की याद में मां रोते-रोते बहोश हो जा रही थी। परिवार के सदस्यों का गम देख कर वहां मौजूद गांव के लोग व रिश्तेदार भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे। सबका कहना था कि रात में गांव के अन्य लड़कों के साथ वह चाय की दुकान पर न गया होता तो यह दुर्घटना नहीं होती। दूसरी तरफ गांव के ही 12 वर्षीय रवि शर्मा के परिवार में ऐसा ही मातम छाया था। रवि शर्मा के पिता राम सुख शर्मा ने बताया कि पत्नी मानसिक रोग से ग्रसित हैं।
रवि का एक बड़ा भाई निरंजन और एक छोटी बहन चंदा हैं। पत्नी के बीमार होने के कारण रवि की देखरेख भी वही करते थे। उन्होंने बताया कि रमजान में गांव के लोग देर रात तक चाय की दुकान पर रहते हैं। रवि भी दोस्तों के साथ रात में घूमने अक्सर जाया करता था।
रवि जब रात में घर से जाना चाहा तो उन्होंने रोका था, लेकिन थोड़ी देर में आने की बात कह कर वह चला गया, शायद काल ही उसे घर से लेकर गई थी। ग्रामीणों का कहना था कि ट्रैक्टर पर कई लड़के मौज-मस्ती के लिए बैठे थे, लेकिन वहां मौजूद बड़ों ने उन्हें रोक दिया था, लेकिन यह दोनों नहीं उतरे।
एसओ करूणाकर पांडेय ने बताया कि हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई। घायल चालक का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। चालक के पास डीएल है अथवा नहीं, इसकी भी जांच पड़ताल की जाएगी। यदि इस मामले में तहरीर मिली तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।