धनघटा के कुआनो नदी में लाश होने की सूचना पर पहुंची।
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हैंसर। क्षेत्र के सोनाड़ी गांव में ब्याही बेटी का शव कुआनो नदी में प्रवाहित कर देने की सूचना पर पीड़ित पिता और भाई बुधवार की सुबह शव की तलाश में जुट गए। सिगराखोर गांव के समीप शव दिखने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन शव को लेने से इंकार कर लौट गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि बेटी राजकुमारी को उसके ससुराल के लोग जला दिए और मगहर में एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार की रात बेटी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। उसका पोस्टमार्टम कराया जाए। जबकि पुलिस उसकी मौत मेडिकल कॉलेज में होना बता रही है।
मड़पौना गांव निवासी चंद्रिका ने बताया कि उसकी बेटी राजकुमारी की शादी पांच वर्ष पूर्व सोनाड़ी गांव के बैजू चौहान पुत्र तूफानी चौहान के साथ हुई थी। 22 मार्च की रात राजकुमारी को उसके पति समेत ससुराल के अन्य लोग जला दिए। उसी समय दामाद बैजू भी झुलस गए थे। दोनों को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया था।
सोमवार की सुबह राजकुमारी के ससुर और ससुराल के अन्य लोग मेडिकल कालेज में सही ढंग से इलाज नहीं होने की बात कहते हुए दोनों को वहां से निकाल लाए और मगहर केे पास प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। उस समय उनके साथ वह भी मौजूद थे। सोमवार की रात राजकुमारी की मौत हो गई। ससुराल के लोग शव लेकर सोनाड़ी चले आए।
मंगलवार की सुबह वह थाने पर पहुंचा और राजकुमारी की मौत की सूचना दी तो पुलिस ध्यान नहीं दिया। कु छ देर बाद पता चला कि राजकुमारी को नदी में प्रवाहित कर दिया गया है। पुलिस इस मामले में मंगलवार को दहेज हत्या का केस दर्ज तो कर ली, लेकिन लाश का पोस्ट मार्टम कराने से कतराने लगी।
आरोप है कि बुधवार की वह बाप- बेटा अपनी बेटी की लाश की तलाश करने में जुट गए। सिंगराखोर गांव के पास कुआनो नदी में लाश दिखी तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन लाश को कब्जे में लिए बिना लौट गई। दूसरी तरफ एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि राजकुमारी की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई थी। वहां लाश का पोस्ट मार्टम भी किया गया है। उसके बाद ससुराल वालों ने शव को जल में प्रवाहित कर दिया। एसओ ने कहा कि पीड़ित को कोई जानकारी नहीं है।