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नकल के आरोपों का ‘सच’ आया सामने

Wed, 16 Mar 2016 12:06 AM IST
sant kabir nagar
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विजिलेंस ने महुली में परीक्षा केंद्र पर घूस लेते केंद्र व्यवस्थापक को रंगे हाथ पकड़ा। - फोटो : अंबरीश मिश्र
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संतकबीरनगर में यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल कराने के नाम पर धन उगाही के आरोप तो लगते रहे हैं, लेकिन विजिलेंस की टीम ने महुली में परीक्षा केंद्र पर घूस लेते केंद्र व्यवस्थापक को रंगे हाथ पकड़ा तो इन आरोपों का सच सामने आ गया। जिले में पहली बार ऐसा हुआ जब काेई शख्स नकल कराने के लिए रकम लेते पकड़ा गया है। 
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में प्रवेश पत्र पाने, परीक्षा देते समय नकल कराने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें तो प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची थीं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं होने से आरोपों पर पर्दा पड़ा था। परीक्षा केंद्रों पर नकल कराने के फार्मूले में इमला पद्घति को नकल माफिया ने कारगर हथियार बनाया है।

जिसकी सच्चाई भी एसडीएम धनघटा के जरिए एक परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान उजागर हुई थी, लेकिन उसमें कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नकल माफिया का हौंसला बुलंद हो गया।
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इधर इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी बेटे सर्वेश दूबे से नकल कराने के नाम पर घूस मांगने की शिकायत बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के गंगौर गांव निवासी ब्रहमदेव दूबे ने उत्तर प्रदेेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के एसपी से की तो सच्चाई सामने आ गई। संतकबीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली के प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक प्रमोद कुमार जायसवाल को विजिलेंस टीम ने नकल कराने के नाम पर शिकायतकर्ता ब्रहमदेव दूबे से दस हजार रुपये घूस लेते रंग हाथ पकड़ा। नकल कराने के नाम पर रिश्वत लेने का जिले का यह पहला मामला है। 

इसके उजागर होने से नकल माफिया में खलबली मच गई है। प्रतियोगिता के बढ़ते दौर में नकल की प्रथा हावी होने से अच्छे विद्यार्थियों के भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस मामले की जानकारी होने पर एक अफसर ने तो यहां तक कहा कि उसका बेटा हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा है और पढ़ने में काफी अच्छा है, जिस केंद्र पर परीक्षा दे रहा है वहां नकल हो रही है। वह भी नकल से पास होने के चक्कर में परीक्षा की तैयारी भी ठीक प्रकार से नहीं करता है।

काफी डांटने के बाद पढ़ने बैठता है। एक अन्य अभिभावक ने तो छात्र के नामांकन कराने, प्रयोगात्मक परीक्षा देने, प्रवेश पत्र पाने, फिर नकल कराने और उसके बाद पास होने पर प्रमाण पत्र पाने तक कदम- कदम पर पैसे वसूलने की नकल माफिया की प्रवृत्ति बन जाने का जिक्र किया, लेकिन इसका प्रमाण कैसे प्रस्तुत हो इसे अलग मुदुदा बताया। नकल के नाम पर धन लेते केंद्र व्यवस्थापक के पकड़े जाने पर इन आरोपों का सच सामने आ गया। 
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