मोहर्रम के जुलूस को नए रास्ते से ले जाने को लेकर शुक्रवार की रात मेंहदावल चौक पर जमकर बवाल हुआ।
अराजक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने भी लाठियां भांजी।
इसमें चार जवानों समेत दस लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है।
शनिवार को पुलिस ने इस मामले में एक सभासद समेत दो नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ पथराव, लोकसेवक को चोट पहुंचाने और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।
मोहर्रम के नौंवीं पर शुक्रवार की रात शहर में जुलूस निकला था। परंपरागत मार्गों से होता हुआ जुलूस मेंहदावल चौक पर पहुंचा।
उसी दौरान जुलूस का कुछ हिस्सा पठान टोला और भिटवा टोला के लिए वापस हो गया। उधर, बरदहिया बाजार की तरफ जाने वाले जुलूस में शामिल कुछ लोग एक राय होकर परंपरागत मार्ग की बजाय समय माता मंदिर के मुख्य गेट के सामने से होकर जाने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने उन्हें मना किया।
इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर पत्थर चलाना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी।
घटना में कांस्टेबल कपिल देव बौद्ध, होमगार्ड दिनेश, अजय कुमार, नवनीश कुमार सहित करीब दस लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया।
घटना की सूचना पर एसपी, एएसपी, सीओ मय फोर्स मौके पर पहुंचे।
कोतवाल बब्बन यादव ने बताया कि समझाने पर जुलूस में शामिल लोग परंपरागत रास्ते से जाने को तैयार हो गए थे, लेकिन जुलूस में मौजूद सभासद असलम अंसारी निवासी मोतीटोला व कोईल निवासी पठान टोला के उकसाने पर भीड़ भड़क गई और पुलिस कर्मियों पर पथराव किया।
आरोप था कि जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने ड्यूूटी पर मौजूद पुलिस बल पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किया। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह जान बचाई।
मौके से भागते समय फिरोज निवासी अमरडोभा, फकीम खां निवासी भिटवा मोहल्ला को पहचाना गया।
आगे बताया एसएसआई रुदल यादव की तहरीर पर सभासद असलम अंसारी, कोईल और 200 अज्ञात के खिलाफ बलवा, पथराव, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।
जल्द ही घटना में शामिल अज्ञात लोगों की भी पहचान कर ली जाएगी।