बिना अनुमति कार्यालय में घुसकर एसडीएम से दुर्व्यवहार करने और नायब तहसीलदार से धक्का मुक्की करने के आरोप में रविवार शाम को धनघटा पुलिस ने भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
एसडीएम धनघटा कीर्तिका ज्योत्सना का आरोप है कि वह रविवार शाम को कार्यालय में चुनाव संबंधी तैयारियों को लेकर गोपनीय बैठक कर रही थी। इसी बीच दौरान भाजपा नेता अशोक कुमार उर्फ साधू यादव बगैर अनुमति के पीछे के दरवाजे से कार्यालय में घुस आए और अनुमति के कागजात पर हस्ताक्षर करने की बात करने लगे। बैठक की जानकारी देने पर वे आग बबूला हो गए। यही नहीं उन्होंने उनके साथ बदसलूकी भी की और नायब तहसीलदार के साथ धक्का- मुक्की की। भाजपा के एक नेता ने मना भी किया, लेकिन अशोक कुमार नहीं माने।
नायब तहसीलदार दीपक कुमार गुप्ता का आरोप था कि एसडीएम कीर्तिका ज्योत्सना के कक्ष में जब वह बैठे हुए थे और सरकारी कार्य कर रहे थे। उसी समय रामपुर छितौनी गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ साधू यादव अपने को भाजपा नेता बताते हुए पहुंचे और परमीशन के कागजात पर हस्ताक्षर करने की बात कही। जब उनसे कुछ देर बाद आने को कहा गया तो वह आग नाराज होकर हंगामा करने लगे। जिससे सरकारी कार्य में बाधा तो पहुंचा ही साथ ही तहसील का माहौल खराब हो गया।
नायब तहसीलदार ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि भाजपा नेता अशोक कुमार उर्फ साधू यादव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, अभद्र व्यवहार करने और बिना अनुमति के कार्यालय में घुस जाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के बाद जैसी स्थिति होगी ,आगे की कार्रवाई की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष रामललित चौधरी ने बताया कि वह देवरिया बैठक गए में थे। उन्हें ऐसी कोई घटना की जानकारी नहीं है। धनघटा पार्टी कार्यालय से बातचीत करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।