संतकबीरनगर के पुलिस ने शुक्रवार को क्षेत्र के सांखी पुलिया के पास घेराबंदी करके दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया।
पुलिस को लुटेरों से लूट की बाइक, तमंचा कारतूस, चाकू और लगभग 11 हजार रुपये बरामद हुआ।
पकड़े गए लुटेरे गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के निवासी हैं। जिसमें एक लुटेरा बांसगांव थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ सीताराम यादव गैंग का सक्रिय सदस्य है। दोनों आस-पास के जिलों में लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
पूछताछ के बाद पुलिस ने महुली क्षेत्र में किसान से लूटी गई बाइक की बरामदगी के साथ हरपुर बुदहट क्षेत्र में गैस वितरक सेल्समैन से हुई लूट की घटना का पर्दाफाश किया।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सूचना पर एसओ महुली संतोष तिवारी ने अपने सहयोगियों के साथ घेरेबंदी करके सांखी पुलिया के पास से बाइक सवार दो शातिर लुटेरों को पकड़ा।
पूछताछ में पकड़े गए लुटेरों की पहचान कैलाश ढाढ़ी निवासी घरसरा और उदयवीर यादव निवासी सावर थाना बांसगांव जनपद गोरखपुर के रूप में हुई। तलाशी में कैलाश ढाढ़ी के पास से 303 बोर का तमंचा व कारतूस के अलावा 11 हजार रुपये तथा उदयवीर के पास से एक अदद चाकू बरामद हुआ। बरामद बाइक के बारे में पूछताछ में बदमाशों ने जानकारी दी कि 23 अप्रैल को महुली क्षेत्र के तिनहरी के पास से यहीं बाइक लूटी थी।
जिसका नंबर यू पी 58 के-2552 था। बाइक का नंबर प्लेट बदल कर गोरखपुर का नंबर यूपी 53 एपी-6949 लगा दिए थे। 22 अप्रैल को हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में तुर्कवलिया नहर पुलिया के पास से गैस वितरक सेल्स मैन से 41,000 रुपये की लूट की थी। लूटी गई रकम को आपस में बांट लिया था। जेल से छूटने के बाद दोनों बदमाश वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिए थे। आगे बताया कि उदयवीर यादव सीताराम यादव गैंग का सक्रिय सदस्य है और बांसगांव थाने का हिस्टीशीटर भी है।
जबकि कैलाश ढाढ़ी की हिस्ट्रीशीट खुलवाने के लिए गोरखपुर एसएसपी को रिपोर्ट भेजेंगे। पकड़े गए कैलाश ढाढ़ी पर 19 मुकदमे दर्ज हैं। उदयवीर पर भी 12 से अधिक मुकदमें दर्ज है। पकड़े गए बदमाश यदि बाहर होते तो लूट की कुछ और घटनाओं को जल्द ही अंजाम देने की फिराक में थे। पकड़े गए बदमाश गोरखपुर के बांसगांव, बड़हलगंज, खोराबार, सिकरीगंज, खजनी, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के अलावा संतकबीरनगर के महुली, कोतवाली, धनघटा, महराजगंज जिले के पनियरा और अंबेडकरनगर जिले में लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा गया। इन्हें पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत भी किया गया है।