धनघटा चौक पर अश्विनी चौधरी की हत्या के विरोध में शव रखकर लोगों ने जाम लगा दिया।
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हैंसर। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ शनिवार की सुबह लोग उग्र हो गए। नाराज लोगों ने धनघटा चौक पर शव को रखकर रास्ता जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि यदि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ली होती तो अश्विनी की हत्या नहीं होती। जब तक दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सुबह आठ बजे लगा जाम दस बजे तब खुला, जब एएसपी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिया।
गागरगाड़ धनघटा निवासी अश्विनी कुमार चौधरी पुत्र राघवेंद्र चौधरी का शव शुक्रवार की सुबह महुली क्षेत्र के अमेदवा गांव के करीब मिला था। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर पहुंचे। शनिवार को अंतिम संस्कार के बजाय गांव के लोग व परिवार वाले धनघटा चौक पर शव रखकर जाम लगा दिए।
धनघटा और महुली थाने की पुलिस जाम हटवाने का प्रयास करती रही, लेकिन लोग एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। लोगों का आरोप था कि अपने मकान के सामने ठेला पर फल बेचने वालों को हटाने के लिए कई बार धनघटा पुलिस से निवेदन किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें हटाने के बजाय फल विक्रेताओं से साठगांठ करती रही। इसका नतीजा हुआ कि अश्विनी की हत्या कर दी गई।
जाम लगने के करीब दो घंटे बाद एएसपी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए। इस दौरान लोग पुलिस वालों को खरी-खोटी सुनाते रहे। शाम को पुलिस ने चौराहे से अतिक्रमण को हटवा दिया। लोगों का कहना था कि पुलिस यही कार्रवाई पहले कर दी होती तो शायद अश्विनी की जान नहीं जाती। रामजानकारी मार्ग पर जाम से यातायात बुरी तरह से प्रभावित रहा। राहगीर भी प्रशासन को कोसते सुने गए।