फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन मौतों से कठैचा,कुरसुरी में मातम 

Wed, 19 Apr 2017 11:39 PM IST
Sant Kabir Nagar
विज्ञापन
कठैचा निवासी दिनेश कन्नौजिया की माैत पर रोते-बिलखते घर के लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रामजानकी मार्ग पर मंगलवार रात बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के चक बंजारी जोत गांव के पास मंगलवार रात बारातियों का लग्जरी वाहन गड्ढे में पटल गया था। इस हादसे में कठैचा के दो और कुरसुरी के एक शख्स की मौत हो गई। सूचना गांव पहुंचते ही बुधवार को दोनों गांवों में मातम छा गया। पीड़ितों लोगों का विलाप देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। वहीं घायलों में से पांच को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया है, जबकि एक का इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है।
विज्ञापन


संतकबीर नगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर से ओरी गुप्ता बेटे रामकुमार की शादी की बारात लेकर बस्ती जिले के कलवारी मुस्तहकम में मनोहर गुप्ता के यहां जा रहे थे। बारात में कई वाहनों के साथ ही एक लग्जरी वाहन भी था। इसमें कठैचा निवासी दिनेश कन्नौजिया(26) पुत्र शिवचरन व दीपचंद (25)पुत्र धनुषधारी और दूल्हे के मौसी के दामाद कुरसुरी गांव निवासी वीरेंद्र अग्रहरि(35) भी अपने दो मासूम बेटों के साथ बैठे थे। रात साढ़े नौ बजे के करीब कलवारी थाना क्षेत्र के चक बंजारी जोत गांव के पास वाहन का अगला टायर फट गया और गाड़ी गड्ढे में पलट गई। 

इस हादसे में  कुरसुरी के वीरेंद्र और कठैचा के दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कठैचा के ही दीपचंद    ने बस्ती जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि वीरेंद्र के बेटों10 वर्षीय श्याम व आठ वर्षीय राम समेत कठैचा निवासी सजीवन पुत्र बरखू, संदीप पुत्र चक्रवन्त और मथुरापुर निवासी शिवम पुत्र श्रवण भी घायल हो गए। वहीं तीन बारातियों के मौत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। घरवालों की चीख सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गमी के चलते कठैचा और कुरसुरी गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। 
विज्ञापन


 दो साल पहले हुई थी दीपचंद की शादी ः कठैचा गांव निवासी दीपचंद के घर भी मातम का माहौल छाया था। पति की मौत से पत्नी अनीता रोते- रोते बेहोश हो जा रही थी। गांव के लोगों ने बताया कि दो साल पूर्व दीपचंद की शादी हुई थी। उनके पास एक साल का मासूम बेटा प्रेम है। बेटे की मौत से मां आरती, बहन ममता एवं गुड़िया का रो- रो कर बुरा हाल था। दिनेश के पिता धनुषधारी आईटीबीपी में कार्यरत हैं। घर के लोग उनके आने का इंतजार कर रहे थे कि यह हादसा हो गया। 

वीरेंद्र प्राइवेट नौकरी करते थे ः कुरसुरी निवासी वीरेंद्र अग्रहरि दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। पत्नी गीता देवी अपने दोनो बेटे श्याम और राम के साथ घर पर रहती है। पत्नी गीता की मौसी के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए वीरेंद्र दो दिन पूर्व ही दिल्ली से गांव आए थे। गांव वालों ने बताया कि दुर्घटना में वीरेंद्र की मौत हो गई। जबकि उनके दोनों बेटे घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच मेडिकल कालेज में जूझ रहे हैं। बेटे की मौत ने पिता रामधनी गमगीन थे। रोते हुए यही बताया कि बेटा अपनी बहन सीमा की शादी करने का अरमान पाला था तो अधूरा रह गया।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें