शव मिलने की सूचना पर मौकके पर पहुंची पुलिस।
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धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के बसवरिया गांव के पास स्थित कुआनो नदी में घर से तीन दिन पूर्व लापता 50 वर्षीय एक व्यक्ति का शव उतराता मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने इस मामले में सगे पट्टीदार पर हत्या करने का आरोप लगाया है। महुली थाना क्षेत्र के गजाधरपुर के पोखरवा पुरवा निवासी कृष्ण बिहारी(50) पुत्र लुटावन नेवासा पर बस्ती जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेहिल में पत्नी के साथ रहते थे। परिजनों के अनुसार 15 मई को कृष्ण बिहारी तीन बजे के बाद घर से गजाधरपुर में जाकर कोटे का राशन लेने के बाद वहां से मौसी के घर रामपुर छितौनी जाने की बात कहते हुए निकले थे। काफी देर तक जब कृष्ण बिहारी दोनों स्थानों पर नही पहुंचे तो परिजनों को शंका हुई। इसी बीच शनिवार को शौच के लिए गए ग्रामीणों ने गजाधरपुर के बसवरिया के पास कुआनो में शव को उतराता देख शोर मचाया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान कृष्ण बिहारी के रूप में किया। घरवालों ने सगे पट्टीदार पर हत्या का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ शैलेंद्र राय ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
पुलिस को शव ले जाने से रोका
कृष्ण बिहारी का शव नदी से बाहर निकालने के बाद जब पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे तो परिजनों ने रोक दिया। उनका कहना था कि पहले हत्यारे आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। एसओ महुली शैलेन्द्र कुमार राय व कुछ संभ्रांत लोगों के समझाने के बाद परिजन माने तब जाकर शव ले जाया गया।
पैसे का लेनदेन तो नहीं मौत का कारण
धनघटा। मृतक कृष्ण बिहारी को उसके ससुराल बेहील में नेवासा मिला है। वह अपनी पत्नी सोनमती व छोटी पुत्री सरोज के साथ रहते थे। उनका इकलौता पुत्र गोपाल पत्नी, दादा-दादी व अन्य सदस्यों के साथ ग्राम गजाधरपुर के पोखरवा पूरवा में रहता है। मृतक के बेटे गोपाल के अनुसार उसके पिता कृष्ण बिहारी ने सगे पट्टीदार के माध्यम से करीब एक वर्ष पूर्व बगल के गांव नगुआ निवासी एक व्यक्ति के हाथों डेढ़ बीघा खेत तीन लाख रुपये में बेची थी। इसकी लेनदेन की जिम्मेदारी का जिम्मा पट्टीदार ने ले रखा था। घरवालों के अनुसार भूमि का एक लाख रुपये मिला था। शेष रकम बाद में दिलाने की जिम्मेदारी पट्टीदार ने ले रखी थी। यह रकम मांगने पर कृष्ण बिहारी को हत्या की धमकी दी जा रही थी।