जनधन खाते में ढाई लाख रुपये भेजने का झांसा देकर जालसाज ने एक युवक से 46,630 रुपये की ठगी कर ली। खाते में रकम नहीं पहुंचने पर युवक ने फोन किया तो जालसाज उसे धमकी दे रहा है। एसपी के निर्देश के बाद रविवार को कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। डीघा गांव निवासी 28 वर्षीय हृदय नारायण मजदूरी करते हैं, जबकि उनके पिता संत प्रसाद रिक्शा चलाते है। हृदय नारायण नौवीं तक पढ़े हैं। 500 और 1,000 रुपये की नोटबंदी के दौरान 29 दिसंबर 2016 को उनके मोबाइल पर फोन आया।
फोन करने वाले ने कहा कि वह लखनऊ से बोल रहा है। इसके बाद उसने जनधन खाते में ढाई लाख की रकम भेजे जाने की बात बताते हुए खाते से संबंधित जानकारियां मांगी। जालसाज ने अपने अलग-अलग मोबाइल नंबरों की जानकारी देते हुए उन्हें झांसे में लेकर 1 530 रुपये का रिचार्ज करवा लिया। इतना ही नहीं बाद में फोन किया कि अब बैंक अधिकारी बात करेंगे। दस मिनट बाद फिर फोन किया कि दिल्ली से बैंक अधिकारी बोल रहा हूं और उसके आय का साधन और पूरा डिटेल मांगा, उसके बाद एक बैंक खाता नंबर बताया और उसमें 2500 रुपये भेजने की बात की और उसके बाद जनधन खाते में ढाई लाख भेजने की जानकारी दी। जालसाज के बहकावे में आकर उसके बताए खाता नंबरों में अलग-अलग तिथियों में कर्ज लेकर उसने कुल 45,100 रुपये भेज दिए।
आखिरी बार उसने 23 जनवरी 2017 को उसके खाते में रकम भेजी थी। हृदय नारायण ने बताया कि वह गरीब है और सुना था कि केंद्र सरकार जनधन खाते में पैसा डालेगी। इसी गलफहमी में फंसकर कर्ज लेकर जालसाज के बताए खाते मेें पैसा डालता गया। जब जालसाज के नंबर पर कॉल करता था तो उधर से दूसरे- दूसरे नंबरों से उसे गाली गलौज और जानमाल की धमकी देता है।
जालसाज ने 12 अलग- अलग मोबाइल नंबरों से उसे धमकी दिया है। मजदूर शनिवार को एसपी के कार्यालय पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की। एसपी हीरालाल ने कोतवाल को मामले में केस दर्ज किए जाने का निर्देश दिया। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि अज्ञात जालसाज पर जालसाजी और ठगी का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।