डीएपी की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
संदेह के आधार पर पिकअप पर लदी खाद पुलिस के कब्जे में
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। सरकारी और सहकारी गोदामों पर डीएपी खाद न मिलने से विवश किसान प्राइवेट दुकानदारों से खाद खरीद रहे हैं। बाजार में नकली डीएपी बेचे जाने की चर्चा जोरों पर है। शनिवार की देर शाम धनघटा पुलिस ने डीएपी खाद लदी पिकअप को संदेह के आधार पर कब्जे में ले लिया।
धान की कटाई के बाद किसान आलू, सरसों, मटर, चना, तथा कहीं-कहीं गेहूं की बुआई कर रहे हैं। ऐसे में डाई खाद के लिए जब साधन सहकारी समिति या सरकारी गोदामों पर पहुंच रहे हैं तो वहां ताला लटका मिल रहा है। इससे विवश होकर किसान प्राइवेट दुकान से 1450 रुपये प्रति बोरी खाद खरीद रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद की गुणवत्ता का कोई ठिकाना नहीं है। पौली क्षेत्र के रोसया बाजार, गोविंदगंज, दुलहापार, बंडा बाजार, रामपुर बारहकोनी, धनघटा, उमरिया बाजार में स्थित प्राईवेट दुकानदारो के वहा डाई खाद प्रर्याप्त मात्रा में होने की बात कही जा रही है, लेकिन वह उन्ही किसानो को खाद दे रहे है जो बगैर किसी एतराज के लेकर चले जा रहे है। किसान रामजतन, रामदेव, तिलकु, प्रेमनरायन, शिवप्रसाद आदि का कहना है कि रोसया बाजार में स्थित खाद के दुकानदार खाद और बीज मनमाने दाम पर बेच ही रहे हैं, साथ ही साथ शुद्घता की कोई गांरटी भी नहीं है। शनिवार की शाम रोसया बाजार जा रही डीएपी खाद लदी पिकअप को पुलिस ने संदेह के आधार पर कब्जे में ले लिया। पुलिस सूत्रो का कहना है कि उस पिकअप पर लदी खाद नकली होने की सूचना मिली थी। जिसे कब्जे में लेकर जांच पड़ताल किया जा रहा है। एसडीएम बाबूराम का कहना है कि खाद की दुकानों पर जल्द ही छापेमारी की जाएगी।