संतकबीरनगर। दो दिन पूर्व हादसे में घायल हुए एक स्वास्थ्य कर्मी की लखनऊ में उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मी की मौत की खबर से उसके गांव छड़ना में कोहराम मच गया। स्वास्थ्य कर्मी की बेटी ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
छड़ना गांव के 58 वर्षीय चंद्रनाथ चौधरी हकीमपुर में स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। जबकि उनकी पत्नी पार्वती देवी बघौली में स्वास्थ्य विभाग में बीएचडब्लू पद पर कार्यरत हैं। उनकी बड़ी बेटी स्मृता दिल्ली मेट्रो में नौकरी करती है। उसकी 19 नवंबर को शादी तय है। घर के लोग बेटी की शादी की तैयारी में जुटे थे। 20 अक्टूबर को चंद्रनाथ चौधरी स्कूटर से सामान खरीदने खलीलाबाद जा रहे थे। पीछे उनकी छोटी बेटी सारिका चौधरी बैठी थी। बड़गो चौराहे के पास गलत साइड से आए बिना नंबर बाइक सवार ने स्कूटर में टक्कर मार दी। चंद्रनाथ चौधरी सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि उनकी बेटी बाल-बाल बच गई। घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई। बेहोशी की हालत में घायल को लोगों ने पहले जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर के डॉक्टरों ने भी हालत में सुधार न होने पर तुरंत लखनऊ रेफर कर दिया। बेटी सारिका चौधरी ने बताया कि लखनऊ में उपचार के दौरान उसके पिता चंद्रनाथ चौधरी की रविवार की भोर में मौत हो गई। लखनऊ से शव लेकर वापस आए। सारिका ने बताया कि वह तीन बहनें हैं। बड़ी बहन स्मृता, देसरी सुष्मिता और तीसरी वह है। पिता की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। उन्होंने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसएसआई रामसमुझ प्रभाकर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीड़ित परिजन की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।