मगहर। कोतवाली क्षेत्र के मगहर नगर पंचायत परिसर में शुक्रवार शाम पांच बजे चार सुतली बम मिलने से दहशत फैल गई। ये बम एक पॉलीथिन में रखे गए थे। आननफानन में नगर पंचायत के एक कर्मचारी ने हिम्मत दिखाते हुए चारों बम पानी में डाल दिए ताकि खतरे की आशंका न रहे। इधर, परिसर में बम मिलने की सूचना चेयरमैन संगीता वर्मा ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस बम की जांच में जुट गर्ह है। रात करीब आठ बदे के बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचा और बम निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब पांच बजे नगर पंचायत के कर्मचारी शैलेंद्र कुमार उर्फ झाबर परिसर स्थित वाटर ओवरहेड टैंक की दक्षिणी दीवार के पास पड़े पेंट-ब्रश को उठाने पहुंचे थे। अचानक उनकी नजर यहीं पॉलीथिन पर पड़ी। उन्होंने उसे उठाकर देखा तो हतप्रभ रह गए। इसमें चार सुतली बम रखे हुए थे। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पंचायत के अन्य कर्मचारियों और मौके पर मौजूद चेयरमैन के पति राजेश वर्मा उर्फ गुडडू वर्मा को दी। शैलेंद्र का कहना है कि प्लास्टिक की थैली में चार सुतली बम रखे हुए थे। उन्होंने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए तत्काल वह थैली पानी में डाल दी। ताकि बम निष्क्रिय हो जाएं।
बम मिलने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक असित श्रीवास्तव, सीओ सदर रमेश कुमार, प्रभारी कोतवाल भाग्यवती पांडेय मयफोर्स मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस अफसरों ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुला लिया। वहीं, इस बाबत चेयरमैन संगीता वर्मा ने कहा कि यह उनके विरोधियों की चाल है। उनके पूरे परिवार को जान का खतरा है। साथ ही, विपक्षी नहीं चाहते कि मगहर का विकास हो और प्रधानमंत्री यहां आएं। इस घटना की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। नगर पंचायत परिसर में बम मिलने की बाबत एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि लिखित तहरीर मिली है। मुकदमा कायम कर इसकी जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
महज पांच सौ मीटर की दूरी पर 28 जून को प्रस्तावित है पीएम की जनसभा
मगहर में सुतली बम मिलने की सूचना से जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। वजह, जिस स्थान पर बम मिला है उससे करीब पांच सौ मीटर दूर ही 28 जून को प्रधानमंत्री की जनसभा प्रस्तावित है। यही नहीं बीते 21 मई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने नगर पंचायत सभागार में ही जनप्रतिनिधियों और आला अफसरों के साथ पीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की थी। साथ ही, कबीर की निर्वाणस्थली पर चल रहे विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए थे। सीएम के जाने के चार दिन बाद ही परिसर में सुतली बम मिलने से खलबली मची हुई है।
इनसे नहीं होता बड़ा नुकसान : टेक्नीशियन
बम निरोधक दस्ते के टेक्नीशियन अनिल द्विवेदी ने जांच के बाद बताया कि ये सुतली से बने बड़े पटाखे थे। इनसे बड़े नुकसान की आशंका नहीं थी। फिर भी इन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। वहीं, नगर पंचायत कर्मियों समेत पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि आखिर ये बम या पटाखे यहां रखे किसने।