संतकबीरनगर। धर्मसिंहवा पुलिस की अभिरक्षा से हत्यारोपी के फरार हो जाने के मामले में एसपी ने मंगलवार को इंस्पेक्टर और मुंशी को निलंबित कर दिया। पहरे पर मौजूद होमगार्ड को निलंबित किए जाने की संस्तुति के साथ जिला कमांडेंट होमगार्ड को पत्र भेजा है। एएसपी की रिपोर्ट के आधार पर एसपी की कार्रवाई से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि धर्मसिंहवा क्षेत्र के हकीमराई गांव निवासी अमजद खान पुत्र हजरत अली ने चरित्र पर शक कर अपनी पत्नी सरीफन्निशा की डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद कमरे में बाहर से ताला बंद कर बाइक से भाग गया था।
पुलिस ने आरोपी पति अमजद, ससुर हजरत अली व सास समेत चार लोगों पर हत्या और हत्या की साजिश रचने का केस दर्ज किया था। हत्यारोपी पति को पुलिस ने हिरासत में लिया था। रविवार की रात हत्यारोपी अमजद खान पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गया था। वैसे देर शाम पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया। इस मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई थी।
एएसपी असित श्रीवासतव की जांच में थाने के इंस्पेक्टर रणविजय सिंह, मुंशी अमरेंद्र सिंह और पहरे पर मौजूद होमगार्ड चंद्रिका यादव की घोर लापरवाही सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर और मुंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जबकि होमगार्ड के निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिला कमांडेंट होमगार्ड को भेज दी गई है। क्राइम मीटिंग में स्पष्ट निर्देश दे दिया था कि पुलिस अभिरक्षा से आरोपियों के भागने की स्थिति में जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में धनघटा से आरोपी के भागने के मामले में तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। बावजूद इसके धर्मसिंहवा पुलिस ने सबक नहीं लिया और लापरवाही के कारण हत्यारोपी भागने में कामयाब रहा था।