पुरानी रंजिश में हुई थी पिता-पुत्र की हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार
अहिरौली गांव निवासी नंदलाल के घर दावत में गए थे दोनों
नंदलाल और पड़ोसी नागेंद्र में जमीन के लिए चल रहा है विवाद
अनैतापुर पिपरहिया गांव के मोड़ पर की गई हत्या, शव अलग-अलग जगह फेंका गया
साजिश रचने की आरोपी महिला गिरफ्तार, ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुकी है
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली के बांसगांव निवासी पिता-पुत्र की हत्या पुरानी रंजिश में हुई थी। बगल के गांव अहिरौली से जुड़े इस मामले में आरोपी पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या में प्रयुक्त डंडा, कुल्हाड़ी के अलावा हेलमेट व मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
बांसगांव निवासी बर्खास्त पुलिसकर्मी ओमप्रकाश पांडेय उर्फ हाहाकार बाबा और उनके पुत्र जैनेंद्र का शव मंगलवार को मिला था। परिस्थितियां हत्या की तरफ इशारा कर रहीं थीं। मृतक ओमप्रकाश के बेटे शैलेंद्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के लिए सीओ सदर व कोतवाल की अगुवाई में कई टीमें लगी थी। बुधवार की शाम को हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एसपी आकाश तोमर ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन व घरवालों की आशंका के आधार पर छानबीन शुरू हुई तो पता लगा कि अहिरौली गांव निवासी नागेंद्र व पड़ोसी नंदलाल के बीच एक जमीन के लिए विवाद था। इस मामले में ओमप्रकाश पांडेय, नंदलाल की तरफ से पैरवी करते थे। नागेंद्र के पट्टीदार संतराम भी ओमप्रकाश पांडेय की मदद से मुकदमा कर परेशान कर रहे थे। करीब चार महीने पहले नागेंद्र के परिवार के बाल किशुन उर्फ सोनू की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागेंद्र की मदद इसी गांव की प्रेमा चौधरी करती थीं। प्रेमा चौधरी ग्राम प्रधान का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। सोमवार की रात नंदलाल के घर दावत थी। इसमें ओमप्रकाश पांडेय व उनके पुत्र जैनेंद्र पांडेय भी आए थे। यहां दारू के नशे में नागेंद्र के घरवालों को गाली दी गई। इसकी जानकारी नागेंद्र के घरवालों ने प्रेमा चौधरी को दी। इसके बाद ओमप्रकाश की हत्या कर शव को हाइवे पर फेंककर हादसा साबित करने का प्लान बना। रात में नागेंद्र और उनके बेटे मोतीलाल, नंदकिशोर और प्रमोद अनैतापुर पिपरहिया गांव के मोड़ पर इंतजार करने लगे। रात करीब एक बजे बाइक से ओमप्रकाश पांडेय अपने बेटे जैनेंद्र के साथ नंदलाल के घर से निकलकर अपने घर जाने लगे। मोड़ पर पहले से मौजूद पिता-पुत्रों ने बाइक रोक ली। इस पर दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई। नागेंद्र व उनके पुत्रों ने डंडे से मारकर पिता-पुत्र की हत्या कर दी। घटना की साजिशकर्ता प्रेमा चौधरी की सलाह पर ओमप्रकाश पांडेय के शव को बाइक से लेकर हाइवे पर आए और सड़क पर शव फेंककर चले गए। जैनेंद्र के शव को भी सड़क पर फेंकने के लिए लेकर पहुंचे, लेकिन उस वक्त गाड़ियों की आवाजाही के चलते शव को बाइक समेत नहर में फेंक दिया। मोबाइल और हेलमेट को पास के गन्ने के खेत में छिपा दिया गया। इसके बाद सभी घर वापस चले गए। कोतवाली पुलिस ने आरोपी नागेंद्र तथा उसके पुत्रों मोतीलाल, नंदकिशोर उर्फ छट्ठू तथा प्रमोद को मेंहदावल बाईपास खलीलाबाद से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पूछताछ में इनसे मिली जानकारी के आधार पर प्रेमा देवी को उनके घर से गिरफ्तार किया गया है।
हत्याकांड का पर्दाफाश करने में सीओ सदर रमेश कुमार, कोतवाल सुधीर सिंह, कांटे चौकी इंचार्ज शशिभूषण पांडेय, एसआई पारसनाथ यादव, स्वॉट टीम प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह, एसआई धर्मेंद्र कुमार तिवारी आदि की भूमिका रही।