छह लाख की ठगी करने वाले चार गिरफ्तार
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स्वॉट टीम को कांटे के पास मिली आरोपियों को पकड़ने में सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जमीन खरीदने के नाम पर ठगी करने वाले चार लोगों का स्वॉट टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों के पास से ठगी का 5,50,650 रुपये बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया।
एसपी आकाश तोमर ने बताया कि धोखाघड़ी के एक मामले में कोतवाली खलीलाबाद में दो दिसंबर को केस दर्ज हुआ था। मंगलवार को स्वॉट टीम प्रभारी प्रदीप सिंह को सूचना मिली की कुछ लोग काफी संख्या में रुपये लेकर कांटे चौकी के पास खड़े है। टीम ने छापेमारी कर चार लोगों को हिरासत में लिया। उनके पास से 5,50,650 रुपये बरामद हुआ। पकड़े गए लोगों की पहचान गोपाल दूबे निवासी पकड़ी चंदा थाना मुंडेरवा, रामगोपाल यादव निवासी पिपरा सुकाली मुंडेरवा, सतेंद्र कुमार शर्मा निवासी नगहरा मुंडेरवा, बबलू गौड़ उर्फ अश्वनी निवासी नगहरा मुंडेरवा के रूप में हुई। पूछताछ में गोपाल दूबे ने बताया कि उनके गांव के बगल के अनिल प्रजापति उसका दोस्त है। उसे पाइल्स की बीमारी है। अधिक खून बह जाने के कारण वह अत्यधिक कमजोर हो गया है। उसकी मदद उसका भाई हेमंत करता है। वह अपने हिस्से का खेत बेचने को कह रहा था। पकड़ी चंदा के अरविंद कुमार दूबे अक्सर उनसे सस्ता खेत दिलवाने की कहते थे। अनिल की मजबूरी का फायदा उठाकर मैंने उनसे कमीशन पर बात की, फिर अरविंद कुमार दूबे अनिल की मजबूरी का फायदा उठाकर सस्ते दर पर खेत लेने को सहमत हुए। 16 हजार रुपये पहले बयाना के तौर पर दिया गया। फिर हम लोग अनिल को लेकर पटेल हॉस्पिटल भुजैनी ले आए। उसे 30 नंवबर को भर्ती कराया गया। उसके पटेल हॉस्पिटल में भर्ती होने की जानकारी रामगोपाल यादव के अलावा सतेंद्र कुमार शर्मा एवं बबलू गौड़ को थी। एक दिसंबर को वह तथा रामगोपाल यादव अनिल को बाइक से लेकर तहसील बस्ती सदर गए। उसी दिन रजिस्ट्री हुई। जिसके बयाना सहित कुल छह लाख रुपये नकद तथा डेढ़ लाख रुपये का स्टेट बैंक का चेक अरविंद दूबे ने रजिस्ट्रार के सामने दिया और अपने पिता जगदीश दूबे के नाम खरीद ली। इसके बाद वह लोग पटेल हॉस्पिटल आ गए। अनिल ने कहा कि रुपये उसका खाता खुलवाकर उसमें जमा कर दीजिए। दो दिसंबर को अनिल का भतीजा बबलू गौड़ अपने साथी सतेंद्र कुमार शर्मा के साथ करीब शाम सात बजे पटेल हॉस्पिटल भुजैनी आया। हम लोग वहां से बूधा आए और वहीं पर शराब एवं बीयर पीने के बाद सबकी सहमति पर अनिल के रुपये जो उस समय पांच लाख 70 हजार बचा था में से 82 हजार बबलू गौड़ को 90 हजार सतेंद्र कुमार शर्मा को एक लाख 72 हजार रामगोपाल यादव को दिया तथा शेष दो लाख 26 हजार व डेढ़ लाख चेक उसने अपने पास रख लिया। गोपाल दूबे व रामगोपाल यादव ने वापस हॉस्पिटल जाकर अनिल को बताया कि उसका पूरा रुपये लूट लिया गया है।