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धनघटा थाना क्षेत्र में डबल मर्डर की साइड स्टोरी

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दुश्मन का मददगार होने की आशंका में शुरू हुई थी अदावत
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वर्ष-2014 में हुई एक घटना में सर्वेश की मान रहा था भूमिका सलमान
18 फरवरी-2017 को भी सलमान ने सर्वेश को मारी थी गोली
हत्या के प्रयास में सलमान व उसके पिता जेल गए, पिछले वर्ष जून में छूटे थे

इंद्रेश यादव/अयाज अहमद
हैंसर। धनघटा क्षेत्र के गोविंदगंज बाजार में बुधवार की शाम हुई दोहरे हत्याकांड की जड़ चार वर्ष पहले पड़ गई थी। सलमान एक बेहद निजी मामले में सर्वेश को दखल देने वाला मानता था। इस बात पर दोनों में कई बार विवाद हो चुका था। दो वर्ष पहले वह सर्वेश को गोली मार भी चुका थ, लेकिन उस बार संयोग से सर्वेश इलाज के बाद ठीक हो गया।
गांव गागरगाड़ और हड़िया माफी में करीब तीन किलोमीटर की दूरी है। दोनों गांवों के मध्य गोविंदगंज बाजार है। इस बाजार में दोनों गांवों के लोग बराबर आया-जाया करते हैं। दिसंबर-2014 में सलमान और सर्वेश के बीच एक पारिवारिक मामले को लेकर विवाद हो गया। सलमान अपने दुश्मन का सर्वेश को पक्षकार और मददगार मानता था। इस बात पर दो-तीन बार दोनों के बीच हाथापाई हुई, लेकिन अन्य लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो जाता था। 18 फरवरी-2017 को गागरगाड़ निवासी विरेंद्र यादव व सर्वेश यादव किसी कार्यवश हड़ियामाफी गांव से होकर बाइक से शनिचरा बाजार जा रहे थे। हड़ियामाफी गांव के पास सलमान ने पीछे से सर्वेश पर फायर कर दिया था। सर्वेश के पीठ में गोली लगी थी। बाइक चला रहे वीरेंद्र घायल सर्वेश को किसी तरह से शनिचरा बाजार ले गए, जहां से सीएचसी मलौली और फिर मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले जाया गया। ठीक होकर आए सर्वेश की तहरीर पर पुलिस ने सलमान व उसके पिता रहमान पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया था। जून-2018 में सलमान व उसके पिता रहमान जमानत पर छूटकर घर आए थे।
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पुलिस को दी गई थी सूचना
हैंसर। गागरगाड़ निवासी सर्वेश व सलमान के बीच चल रही अदावत को धनघटा पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। सर्वेश के पिता ज्ञानचंद का दावा है कि सर्वेश ने कई बार पुलिस को पत्र देकर जान का खतरा जताया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने गंभीरता से नहीं लिया। बेटे की हत्या से व्यथित ज्ञानचंद का कहना है कि सलमान नाहक ही उनके बेटे के जान के पीछे पड़ा था। जिस व्यक्ति की मदद की आशंका में यह अदावत शुरू हुई थी, उससे सर्वेश का लेना-देना नहीं था।
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