गलत इंजेक्शन लगाने से किशोर की मौत होने का आरोप
धनघटा।
गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से एक किशोर की शुक्रवार को मौत हो जाने का आरोप परिजनों ने एक प्राइवेट अस्पताल डॉक्टर के खिलाफ मढ़ा है। पीड़ित पिता ने कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर भी दिया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। झिंगुरापार गांव निवासी गणेश गुप्ता पुत्र रामभवन गुप्ता का आरोप है कि शुक्रवार की सुबह उसका 12 वर्षीय बेटा आलोक कुमार गुप्ता साइकिल से खेत की ओर जा रहा था। उसी दौरान वह साईकिल फिसल कर गिर गया। जिससे बेटे का बायां हाथ टूट गया। बेटे को इलाज के लिए खलीलाबाद स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले गया। जहां एक्स- रे ,जांच आदि करके वहां के डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन करना पडे़गा। जिसके लिए तत्काल 10000 रुपये जमा करने की बात बताया। पास में मौजूद 7000 हजार रूपये उसने तत्काल जमा कर दिया। शेष पैसा लेने वह घर चला गया। आरोप है कि उसके बाद अस्पताल के डॉक्टर ने बेटे को एक इंजेक्शन लगाया ,जिससे बेटे की मौत हो गई। उसके बेटे को लोग अनायास एबुलेंस से लेकर गोरखपुर चले गए और वहां से दूसरे एबुलेंस से घर के लिए वापस कर दिया। आरोप है कि कोई कागजात भी नहीं दिया। पीड़ित गणेश ने महुली थाने में पहले तहरीर दिया। मामला कोतवाली क्षेत्र का होने के कारण इंस्पेक्टर एसपी गौतम ने तहरीर पुलिस अधीक्षक के पास भेज दिया। गांव पर एसआई एसबी सिंह व सिपाहियों को तैनात कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने और शव का पीएम कराने का निर्देश दिया। बाद में एसआई चतुर्भुज पांडेय झिंगुरापार गांव पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह का पता चल जाएगा। उसके बाद डीएम और सीएमओ को रिपोर्ट दी जाएगी। उसके बाद जैसी स्थिति होगी,आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बेटे की मौत से बेसुध थी मां
धनघटा। महुली क्षेत्र के झिंगुरापार गांव निवासी किशोर आलोक की डॉक्टर की लापरवाही की वजह से मौत हो जाने का मुद्दा छाया रहा। गांव के लोगों में जहां डॉक्टर के खिलाफ गुस्सा था,वहीं बेटे की मौत से मां स्नेहलता बेसुध थी। पिता गणेश गुप्ता का रो- रो कर बुरा हाल था। अपने दो भाई और दो बहनों में आलोक सबसे बड़ा था। बहन श्रुती नौ वर्ष, अंकिता सात वर्ष व गोलू चार वर्ष है। छोटा भाई गोलू शव देख कर फफक पड़ा। घटना से गांव के लोग दुखी थे।