बखिरा (संतकबीरनगर)। सोमवार को लेडुआ-महुआ स्थित तीनबत्ती मुहल्ले में स्थित एक चाय की दुकान के बाहर खड़े एक युवक को गांव के ही एक अन्य युवक ने मामूली विवाद के बाद गुस्से में आकर चाकू से ताबड़तोड़ हमलाकर दिया, जिससे युवक घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि हमलावर मौके से भाग गया। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक को पीएचसी पर पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने देखते ही युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। मृतक के भाई मोहम्मद असाद पुत्र जलाल अहमद ने बताया कि उसके पिता जलाल अहमद रविवार को गांव में स्थित एक चाय की दुकान पर बैठे थे, उसी दौरान गांव निवासी एक युवक चाय की दुकान पर आकर उसके पिता से अपनी आमदनी कम होने का हवाला देते हुए मुंबई जाने की बात कही। सलाह देते हुए उसके अब्बू ने कहा कि जब तक वह अपनी नशे की आदत नहीं छोड़ेगा, उसकी आमदनी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अब्बू की यह सलाह आरोपी युवक को नागवार लगी। गुस्से में वह हाथापाई पर उतर आया। पास में खड़े उसके भाई अरशद से आरोपी युवक उलझ गया। इसी खींचतान में आरोपी युवक के सिर में चोट आ गई। इसी से खार खाए हुए आरोपी युवक ने बदले की भावना से चाकू लेकर मारने की नीयत से उन दोनों को खोज रहा था। सोमवार को अरशद सुबह करीब नौ बजे चाय की दुकान से निकल रहा था, कि उसी दौरान युवक भी पहुंच गया। अरशद को देखते ही गुस्से में चाकू से आरोपी युवक ने उसके सीने में चाकू से ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला कर दिया। मौके पर ही अरशद बेहोश होकर गिर पड़ा, जबकि आरोपी युवक भाग गया। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल को बखिरा स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने जांच पड़ताल करने के बाद गंभीर रूप से घायल अरशद को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूूचना पर एसपी शैलेश पांडेय, एएसपी असित श्रीवास्तव, सीओ हौसला प्रसाद मौके पर पहुंच गए और घटना की बारे में जानकारी हासिल किया। इंस्पेक्टर रामसमुझ प्रभाकर ने बताया कि मृतक अरशद के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के भाई मोहम्मद असाद की तहरीर पर आरोपी युवक तीनबत्ती लेडुआ-महुआ निवासी मोहम्मद नईम उर्फ झीनक पुत्र अलीजा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और चाकू को भी बरामद किया गया है।
बेटे की मौत से खत्म हो गई आमदनी, कैसे होगा भरण-पोषण
बखिरा। सोमवार को मामूली विवाद में कमाऊ बेटे की मौत से उसका सब कुछ बिखर गया। क्या पता था कि उससे शुरू हुआ विवाद उसके बेटे की जान ले लेगा। पिता जलाल ने कहा कि वह खुद ठेले पर खोमचा बेचता है। उसके तीन बेटे है। एक नियारा का काम करता है, जबकि सबसे छोटा अभी पढ़ता है। मृतक अरशद बहुत ही सीधा व होनहार लड़का था। उसने इंटर तक की पढ़ाई के बाद आगे उच्च शिक्षा का सपना भी पाल रखा था। पढ़ लिखकर वह अधिकारी बनना चाहता था, किन्तु परिवार की बिगड़ी आर्थिक दशा ने इंटर की शिक्षा के बाद ही उसके आगे पढ़ने पर रोक लगा दिया। मजबूरन आमदनी के लिए गांव में मौजूद एक मेडिकल स्टोर पर वह काम करने लगा। आमदनी कम होने से उसने बिजली विभाग में स्थाई तौर पर काम करने लगा। इससे उसकी आय बढ़ने से परिवार की माली हालत बदलने लगी थी, किन्तु सोमवार को एक हत्यारे ने उसके लाडले बेटे को चाकू से हमलाकर ने जान ले लिया। अब परिवार का पेट कैसे भरेगा। इतना कहकर वह रोने लगे।