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बवाल के बाद दुकानों के शटर गिरे

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मगहर कस्बे में बवाल के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : amarujala
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मगहर (संतकबीरनगर)। नगर पंचायत मगहर में शनिवार की शाम को निर्वाचित अध्यक्ष संगीता वर्मा के विजय जुलूस के दौरान और उनके घर पहुंच कर भीड़ में शामिल लोगों द्वारा मचाए गए बवाल के बाद नगर में स्थित दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गई। नगर पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। यहां का माहौल अचानक गरम हो गया और लोग घटना को लेकर तमाम तरह की चचाएं शुरु कर दिए।
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नगर पंचायत मगहर में चुनाव संपन्न होने के बाद नव निर्वाचित चेयरमैन संगीता वर्मा अपने समर्थकों के साथ शनिवार को नगर में सबसे मिल कर आभार प्रकट कर रही थी। उसी दौरान उनके जुलूस के आगे चल रही एक बुलेट की तेज आवाज निकल रही थी। आगे चल रही बुलेट जैसे ही तकिया बाजार में विजय कांदू के घर के पास पहुंची ही थी, वहीं पर बुलेट की आवाज को लेकर तकियाबाजार निवासी विजय कांदू से कहासुनी होने लगी और इस दौरान बुलेट चालक को कुछ लोगों ने पीट दिया। तब तक जुलूस भी उस जगह पहुंच गया। उस दौरान डायल 100 नंबर पर किसी ने सूचना दे दी। उसके बाद डायल 100 की पुलिस टीम और मगहर चौकी के पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में कर जलूस को आगे बढ़वा दिया। तभी पूर्व चेयरमैन अश्वनी गुप्ता के समर्थक जुलूस के पीछे आने लगे। इस दौरान पुलिस उन्हें रोकने में जुटी रही, लेकिन समर्थक संगीता वर्मा के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए काजीपुर चौराहे तक पहुंच गए। इस दौरान अश्वनी के समर्थकों की भीड़ और बढ़ गई तथा नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस कुछ समझ पाती कि भीड़ संगीता वर्मा के घर के पास पहुंचकर पथराव करने लगी। उसके बाद मामला और बढ़ गया। जब तक मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी स्थिति को नियंत्रण में करते, कि तब तक मौके पर सीओ,कोतवाल,चौकी इंचार्ज मगहर मय फोर्स पहुंच गए और हालात पर काबू पा लिया। चेयरमैन संगीता वर्मा का आरोप है कि पूर्व चेयरमैन अश्वनी गुप्ता के समर्थकों उनके घर पर चढ़ कर जम कर पथराव किया। पथराव में उनकी बेटी कालिंदी,देवर अजय और समर्थक शंभू निषाद घायल हो गए। आरोप है कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगी। जबकि पूर्व चेयरमैन अश्वनी गुप्ता का आरोप है कि बिना अनुमति के ही निर्वाचित चेयरमैन अपने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाली। जुलूस के शामिल लोग उनके समर्थकों को जीत का इजहार करते हुए चिढ़ाते हुए गाली गलौज देने लगे। जब तक उनके संज्ञान में मामला पहुंचा,तब तक दोनों गुट नोकझोंक कर चुके थे। उनके और समर्थकों पर मारने-पीटने और पथराव के लगाए गए आरोप गलत है। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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