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जीप की चपेट में आने से छात्र की मौत

Wed, 16 May 2018 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रामजानकी मार्ग पर हादसे में मारे गए किशोर प्रदीप के रोते बिलखते परिजन । - फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। रामजानकी मार्ग पर बुधवार को डिहवा बाजार में जीप की चपेट में आने से एक छात्र की मौत हो गई।  इधर सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई और लोगों के सहयोग से जीप को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया। घटना से पीड़ित परिजन गमगीन थे।    
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देखौटी गांव निवासी रामज्ञा का 16 वर्षीय बेटा प्रदीप कक्षा दसवीं का छात्र था। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे प्रदीप अपने गांव के एक युवक के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर से निकला। जब वह डिहवा बाजार में रामजानकी मार्ग को पार कर रहा था। उसी समय लोहरैया की तरफ से तेज गति से गुजरी कमांडर जीप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे में प्रदीप घायल होकर सड़े पर तड़पने लगा। घटना के बाद बाजार के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए और उसके घर वालों को सूचना देने के बाद उसे तत्काल लेकर सीएचसी मलौली गए। मलौली अस्पताल में छात्र की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में देखते ही डॉक्टर ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। हादसा करने के बाद तेज गति से धनघटा की तरफ भाग रहे जीप समेत चालक को पुलिस ने लोगों के सहयोग से पकड़ लिया है। एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घर का चिराग बुझने से सदमें में परिजन
हैंसर। देखौटी गांव के रहने वाले छात्र की हादसे में हुई मौत की सूचना से गांव में कोहराम मच गया। छात्र अपने गांव के युवक के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था और खुद तेज रफ्तार जीप की चपेट में आ गया। पीड़ित पिता रामाज्ञा रोते हुए यहीं कह रहे थे कि यदि अनहोनी का पता होता तो वह शायद अपने कलेजे के टुकड़े को कत्तई घर से नहीं निकलने देते।

एकलौते बेटे के घायल होने और उसके बाद मौत की सूचना मिलने पर रामाज्ञा के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।  ददरवार गांव के देखौटी टोला निवासी रामज्ञा की तीन संतानो में प्रदीप इकलौता पुत्र था। 16 वर्षीय प्रदीप, इस वर्ष कक्षा दसवीं  में नामांकन भी कराया था।

पोते की मौत की सूचना पर 75 वर्षीय बाबा अगनू, दादी कल्पा देवी व मां शारदा देवी बहन किरन व पुष्पा दहाड़े मार कर रो रही थी। मेधावी छात्र प्रदीप की मौत की सूचना मिलते ही गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बधाने जुटे हुए थे। लोग यहीं कह रहे थे कि तेज रफ्तार जीप ने रामाज्ञा के घर का इकलौता चिराग ही बुझा दिया।
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