संतकबीरनगर। धर्मसिंहवा क्षेत्र के गहवा गांव में तीन साल पहले खेत में भैंस चराने से मना करने पर हुई मारपीट में घायल युवक की मौत हो जाने के मामले में मंगलवार को जिला जज उमेश चंद्र शर्मा ने आरोपी को दस साल की सजा और दो लाख जुुर्माने से दंडित किया है। जिसमें डेढ़ लाख रुपये मृतक की पत्नी को देने का आदेश पारित किया है।
शासकीय अधिवक्ता सुभद्रनाथ राय ने बताया कि पांच जुलाई 2014 को रात में गहवा गांव के रहने वाले जगदीश की भैंस उसी गांव के रामझीनक के चरी के खेत में चली गई। भैंस को जगदीश का भाई ले कर गया था। रामझीनक ने देखा और मना किया तो जगदीश ने अपने भाई प्रदीप के साथ मिलकर उसके सिर पर लाठी डंडा से मारापीटा, जिससे रामझीनक के सिर में गंभीर चोटे आई। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में राजेंद्र ने जगदीश और प्रदीप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। साक्ष्य के दौरान प्रदीप को न्यायालय ने नाबालिग मानते हुए उसकी पत्रावली अलग कर दिया। जबकि कोर्ट ने आरोपी जगदीश को आरोपित करते हुए विचारण शुरु किया। गवाहों के साक्ष्य और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के उपरांत कोर्ट ने आरोपी जगदीश को दस साल की सजा और दो लाख जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की धनराशि में से डेढ़ लाख रुपये मृतक की पत्नी को देने का आदेश पारित किया है।