बखिरा। क्षेत्र के कुरियापार बेलहसा में पशुओं का टिनशेड उजाड़ने से मना करने पर कुछ लोगों ने घर में घुस कर दंपती और उसके बेटे की पिटाई कर दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पिता- पुत्र समेत पांच के खिलाफ बलवा, घर में घुस कर मारने- पीटने, अपशब्द कहने, जानमाल की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पीड़ित सुरेश का आरोप है कि वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है। उसकी पत्नी गांव के ही एक व्यक्ति जयचंद के घर पर मजदूरी करने गई थी। गांव के ही दलथमहन अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक राय होकर जयचंद के पशुओं के टिनशेड को उजाड़कर ध्वस्त करने लगे। उसकी पत्नी ने उन लोगों को टिनशेड गिराने से मना किया। इसी बात से नाराज होकर दलथमहन व अन्य लोगों ने सात नवंबर 2022 को सुबह साढ़े आठ बजे लाठी डंडे व धारदार हथियार लेकर उसके घर पर चढ़ आए व जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए उसे व परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने लगे। जान बचाने के लिए वह घर में भागी तो आरोपी उसके घर में घुस आए। उसे अपशब्द कहते हुए मारने लगे। बीचबचाव के लिए आई उसकी पत्नी व बेटे को भी मारापीटा।
धारदार हथियार के हमले में बेटे रामू के हाथ की उंगली कट गई। शोर सुनकर गांव के लोगों के आने पर उसकी जान बची। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। इस घटना से बखिरा पुलिस को अवगत कराया, लेकिन दबंग आरोपियों के प्रभाव में आकर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को भी पंजीकृत डाक से तहरीर भेजी, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की निष्क्रियता से मजबूर होकर उसने न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई। एसओ श्याम मोहन ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी दलथमहन, अशोक, रामलौट, रामराज व ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया।