संतकबीरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से लिए गए गजक और दूध के नमूने जांच में जहां अधोमानक पाए गए हैं, वहीं नल्ली का नमूना असुरक्षित मिला है। दूध में पानी की मिलावट पाई गई है। जबकि नल्ली में रंग का मिश्रण पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इन मामलों में विभाग वाद दायर किए जाने की तैयारी में जुट गया है।
खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी जेपी तिवारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम मणि प्रजापति ने 18 अप्रैल को माली टोला के उमेश कुमार की दुकान से गजक का नमूना लिया। जांच रिपोर्ट में नमूना अधोमानम पाया गया है। इसी तरह महुली के नीरज यादव और बनपुरवा के सिद्धनाथ यादव से मिश्रित दूध का नमूना लिया था।
दूध का दोनों नमूना अधोमानक पाया गया है। दूध में पानी की मिलावट पाई गई है। औद्योगिक क्षेत्र के बैजनाथ की फैक्ट्री से नल्ली का नमूना लिया गया था। जांच रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई है। नल्ली में रंग की मिलावट पाई गई है। जो नमूने अधोमानक पाए गए हैं, उसमें जुर्माने का प्रावधान है। एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा, जबकि असुरक्षित मामले में सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।