धनघटा। दो दशक पहले अराजक तत्वों के आतंक से थर्राने वाली मुखलिसपुर बाजार एक बार फिर अपने इतिहास को दोहराने के रास्ते पर अग्रसर है। शुक्रवार की शाम बाजार के भीड़भाड़ वाले तिराहे पर दो छात्रों की जिस तरह निर्ममता पूर्वक पिटाई करके अराजक तत्वों ने उन्हें लहूलुहान कर दिया। मौके पर मौजूद 50 से अधिक लोग तमाशबीन बनने के लिए विवश रहे। उससे साफ जाहिर हो गया कि यदि समय रहते पुलिस ने कड़ा कदम नहीं उठाया तो बाजार का माहौल एक बार फिर बिगड़ सकता है।
वर्ष 1990 के दशक में महुली क्षेत्र के मुखलिसपुर बाजार में वर्चस्व की छिड़ी जंग ने व्यापारियों को दिन ढलने के पहले ही दुकानें बंद करने को मजबूर कर दिया था। उस समय छोटी से छोटी बातों को लेकर बड़ा विवाद होने में देर नहीं लगती थी, जिस पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को मुखलिसपुर बाजार में पुलिस चौकी की स्थापना करनी पड़ी। उसके बाद पुलिस ने कड़ा कदम उठाना शुरू किया तो माहौल भी धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।
व्यापारियों का कहना है कि मुखलिसपुर बाजार धीरे-धीरे प्रगति के पथ पर बढ़ रहा था। होजरी उद्योग के कारण मुखलिसपुर ने मिनी लुधियाना के रूप में अपनी पहचान बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन इधर पुलिस चौकी पर कार्यरत पुलिस कर्मियों की अराजक तत्वों से होने वाली गलबहियां ने एक बार फिर संकट खड़ा कर दिया है।
लोगों का कहना है कि इस चौराहे पर कुछ मनबढ़ किस्म के युवक कई लोगों के साथ मारपीट कर चुके हैं, जिसके कारण अगल-बगल गांव के लोग अब इस बाजार में आने से भय खाने लगे हैं। शुक्रवार की शाम धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी दो छात्र मोबाइल का केबल डाटा खरीदने एक दुकान पर पहुंचे थे। उसी समय चौराहे पर मौजूद सात आठ की संख्या में हाथ में हाॅकी और रॉड लिए मनबढ़ युवक दोनों छात्रों के पास पहुंचे और जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक उन पर हमला कर दिया। जान बचाकर जब वह एक दुकान में भागे तो हमलावर वहां भी पहुंच गए। उसमें से एक युवक की तब तक पिटाई करते रहे, जब तक वह खून से लथपथ होकर अचेत होकर गिर नहीं पड़ा। उस समय वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन किसी का साहस नहीं हुआ कि पीटे जा रहे युवकों में बीच बचाव कराएं।
घटनास्थल से बमुश्किल डेढ़ सौ मीटर दूरी पर स्थित पुलिस चौकी से करीब एक घंटे बाद दो कांस्टेबल पहुंचे, तो वह भी कुछ देर चुपचाप खड़े रहे। हमलावरों के हमले से दोनों छात्र सदमे में हैं। घटना के बाद हमलावर हॉकी और डंडा लेकर शनिवार को पूरा दिन बाजार में घूमते रहे। इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस का उनको जरा सा भी डर नहीं रहा।
व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह बाजार में अराजकता बढ़ रही है, उससे एक बार फिर बाजार का माहौल दूषित होने लगा है।
इस संबंध में एसओ संतोष मिश्रा ने बताया कि इस मामले में मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश तेजी के साथ की जा रही है। इस मामले में एक भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। कानून को हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध पुलिस शक्ति के साथ निपटेगी।