औद्योगिक क्षेत्र में सड़कें टूटीं, नालियां ध्वस्त
शाम होते ही आधे क्षेत्र में पसर जा रहा अंधेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में नए उद्योग स्थापित करने का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। यहां की सड़कें टूट गई हैं। उस पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। नालियां ध्वस्त हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। शाम होते ही आधे औद्योगिक क्षेत्र में अंधेरा छा जाता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खलीलाबाद विकास निगम की स्थापना 1973-74 में हुई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 के किनारे करीब 231.34 हेक्टेयर में फैले औद्योगिक क्षेत्र में 272 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। इनमें से वर्तमान में 151 इकाइयां संचालित हो रही हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की सीमा में शामिल हो चुका है।
परिसर की सड़कें जर्जर हो गई हैं। गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। जल निगम कार्यालय के पास पुलिया का आधा हिस्सा टूट गया है, जबकि इसी मार्ग से होकर बड़े वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जलनिकासी के लिए बनाई गई नालियां देखरेख में अभाव में ध्वस्त हो चुकी हैं। पथ प्रकाश की व्यवस्था भी दयनीय है। इससे शाम होते ही आधे औद्योगिक क्षेत्र में अंधेरा छा जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। यहां बड़ी संख्या में बड़े वाहनों का आना-जाना होता है। सड़कों की मरम्मत कराने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है।
जय प्रकाश पांडेय, उद्यमी
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जलनिकासी की व्यवस्था चौपट हो गई है। नालियां या तो ध्वस्त हैं या फिर जाम। ऐसे में दुर्गंध उठ रही है। औद्योगिक क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन कूड़ा गिरा रहा है। इससे समस्या और बढ़ गई है।
दीनानाथ चौधरी, उद्यमी
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औद्योगिक क्षेत्र में पथ प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं है। आधे क्षेत्र में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इससे चोर-उच्चकों का भय बना रहता है। पथ प्रकाश की व्यवस्था के लिए कदम उठाया जाना आवश्यक है।
मंजू विश्वकर्मा, उद्यमी
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औद्योगिक क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। पार्क बदहाल है। सरकार औद्योगिक विकास के लिए माहौल तैयार कर रही है, लेकिन समस्याओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। यहां समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
सर्वजीत पासवान, उद्यमी
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कोटे
औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के निदान के लिए 29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। इसमें सड़कों, पार्क की दशा सुधारने के साथ ही बिजली व जलनिकासी की व्यवस्था शामिल है। उम्मीद है जल्द ही प्रस्ताव शासन से स्वीकृत हो जाएगा। उसके बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
प्रेम रंजन सिंह, जिलाधिकारी