संतकबीरनगर। सीजेएम हरिकेश कुमार ने धनघटा के तहसीलदार रत्नेश तिवारी, पूर्व एसओ महुली रणविजय सिंह समेत छह लोगों को कोर्ट में विचारण के लिए तलब किया। कोर्ट ने सभी को 24 मई को हाजिर होने का आदेश दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के धरमपुरा निवासी चंचल त्रिपाठी ने बताया कि उनका ससुराल वालों से मुकदमा चल रहा है। इसकी वजह से वह अपने पिता के साथ मायके महुली में ही रहती हैं। मायके में भी पारिवारिक विवाद की वजह से वह अपने पिता के साथ अलग मकान में तथा परिवार के अन्य लोग दूसरे मकान में रहते थे। पीसीएस-जे की परीक्षा देने वह पिता के साथ 26 नवंबर 2021 को जयपुर चली गईं। 30 नवंबर 2021 को वापस आईं तो तबीयत खराब हो जाने के कारण वह खलीलाबाद में इलाज कराने के लिए रुक गईं। इसी बीच 21 नवंबर 2021 को अंबिका देवी साजिश करके अपने साथ आकाश पांडेय निवासी तरयापार, कुसुम निवासी महुली, तत्कालीन थानाध्यक्ष महुली रणविजय सिंह, तहसीलदार धनघटा रत्नेश्वर तिवारी को साथ लेकर उनके घर का ताला तोड़वा दिया। उनके गृहस्थी का सारा सामान और जेवरात तथा केस से संबंधित कागजात गुल्लक में रखा पैसा हटा दिया। अंबिका दुबे, कीर्ति ने उनके मकान पर थानाध्यक्ष व तहसीलदार के सहयोग से कब्जा कर लिया।
तबीयत ठीक होने पर जब वह छह दिसंबर 2021 को घर वापस गईं तो देखा अंबिका देवी, कीर्ति उनके मकान में कब्जा कर लिए थे। वह घर में जाने लगीं तो उन्हें अपमानित करते हुए जान से मारने की नियत से दौड़ा लिया गया। जान बचाकर वह थाना महुली गईं और प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। उसकी जांच कराई गई। जांच में घटना सत्य पाई गई। उसके बाद भी उन लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थाने पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रजिस्ट्री के जरिए एसपी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल करना पड़ा। कोर्ट ने उनका बयान अंकित कराया। इसके साथ ही साथ उनके जरिए प्रस्तुत किए गए दो गवाहों की गवाही कराई गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद रत्नेश तिवारी तहसीलदार धनघटा एवं रणविजय सिंह तत्कालीन थानाध्यक्ष महुली समेत अंबिका देवी, आकाश पांडेय, कुसुम, कीर्ति दुबे को अपराध के विचारण के लिए कोर्ट में तलब किया गया है। 24 मई को सभी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया है।