संतकबीरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार सिंह ने पत्नी की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी पति, जेठ, ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीनों दोषियों पर 25,000- 25,000 रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न अदा करने पर 16-16 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही जुर्माने की आधी राशि मृतका के परिवार को देने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिमन्यु पाल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के दरूआ जप्ती निवासी गनेश पुत्र तपेशर ने 15 मई 2012 को कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें कह कि उसकी बेटी शीला (24) की शादी छांछापार निवासी वीरेंद्र पुत्र रामवृक्ष के साथ वर्ष 2003 में हुई थी। बेटी का गवना वर्ष 2008 में हुआ था। आरोप है कि रात 12:30 बजे वीरेंद्र कुमार ने फोन पर सूचना दी कि शीला की मृत्यु शार्ट सर्किट से हो गई। सूचना मिलते ही वह और उसके साथ घर व गांव के काफी लोग गए।
मौके पर देखने से शार्ट सर्किट की बात झूठी लगी। आरोप है कि वीरेंद्र का विगत दो तीन वर्ष से एक युवती से अवैध संबंध है। वह युवती बराबर घर आती रहती है। विगत वर्ष उक्त युवती घर आई थी तो उसकी बेटी को दो मंजिला से धक्का देकर मारने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह बात हल्के में लेकर दबा दी गई। वीरेंद्र और जितेंद्र व उनके पिता राम वृक्ष व मां ने उसकी बेटी की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसे बेड पर रख कर जला दिया ताकि साक्ष्य मिट जाए। उनकी बेटी की हत्या केवल इसलिए की गई ताकि दूसरी युवती से काफ़ी दहेज लाया जाए सके।
तहरीर के आधार पर वीरेंद्र, जितेंद्र, राम वृक्ष, राम वृक्ष की पत्नी के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने वीरेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धारा लगाकर 14 अक्तूबर 2012 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। बाद में 17 जनवरी 2013 को राम वृक्ष के विरुद्ध भी हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धारा लगाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन की तरफ से नौ गवाहों को की गवाही कराई गई तथा 13 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी पति वीरेंद्र कुमार,जेठ जितेंद्र, ससुर रामवृक्ष को आजीवन कारावास की सजा और 25000 , 25000 रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर सोलह- सोलह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही अर्थ दंड की आधी रकम मृतका के परिवार को देने का आदेश दिया है।