संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ शेख ने दुष्कर्म के आरोपी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 26,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि धनघटा क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें आरोप लगाया कि गांव का ही रहने वाला आरोपी दस दिसंबर 2010 की रात लगभग 10:00 बजे उसके घर में घुस गया। आरोपी ने कहा कि शोर मचाओगी तो तुम्हारी हत्या कर देंगे। आरोपी उसे घसीट कर कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया। घटना के बाद उसके पति आ गए और आरोपी को पकड़ कर कमरे में बंद कर दिया।
इस मामले में धनघटा थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई, जिसमें सभी गवाहों ने अभियोजन का समर्थन किया। पक्षों की बहस सुनने के बाद गवाहों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी को सात वर्ष के कठोर सश्रम करावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 26,000 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थ दंड की आधी धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया है।