संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने शादी का झांसा देकर भगाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां ने थाना महुली में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें कहा कि उसकी नाबालिग पुत्री 31 मार्च को रात दो बजे घर से लापता हो गई। खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। आरोप है कि वह आरोपी से मोबाइल पर बात करती थी। तहरीर के आधार पर महुली पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोपी कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया और कहा कि वह निर्दोष है। उसने किसी को बहला-फुसलाकर भगाया नहीं है और न ही पीड़िता से दुष्कर्म किया है।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है। आरोपी ने पीड़िता से दुष्कर्म किया है। पीड़िता ने भी अपने बयान में अभियोजन कथानक की पुष्टि की है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। संवाद