संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता फोरम ने सहारा इंडिया के खिलाफ फैसला सुनाया। क्षतिपूर्ति के रूप में 56,800 रुपये पीड़ित को अदा करने का आदेश प्रबंध निदेशक सहारा इंडिया क्यू शॉप व रियल स्टेट सहारा इंडिया शाखा प्रबंधक मेंहदावल रोड खलीलाबाद को दिया है।
अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि फेरूसा निवासी मृतक रमेशनाथ की पत्नी जामवंती व अन्य ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया, जिसमें परिवादी का जमाधन 13,400 की परिपक्वता धनराशि 26,800 रुपये भुगतान की तिथि से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिलाने तथा शारीरिक मानसिक पीड़ा व परेशानी की एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में 30,000 रुपये दिलाए जाने की मांग की गई।
इसमें परिवादी ने नौ मार्च 2010 को 10,000 रुपये फिक्स डिपॉजिट किया। दो वर्ष पश्चात 13,400 रुपये कुल बताया गया। सहारा इंडिया द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट की स्कीम समाप्त कर दी गई। उनकी बात पर विश्वास करके पिछली स्कीम के अनुसार दो वर्ष में वांछित धनराशि निकालकर जो 13,400 रुपये हुई थी। 23 मार्च 2012 को फिक्स डिपाॅजिट के रूप में जमा की थी, दूसरी स्कीम क्यू शॉप पांच वर्ष के लिए फिक्स करा दी गई।
बताया गया कि परिपक्वता होने पर जमाधन राशि की दोगुना रकम का भुगतान किया जाएगा। इस दौरान परिवादी रमेशनाथ की मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी जामवंती, पुत्रियां माधुरी व संध्या व विशाल उनके उत्तराधिकारी हुए। अधिवक्ता के माध्यम से एक विधिक नोटिस भी दिया गया, लेकिन सहारा इंडिया के जरिये नोटिस का जवाब नहीं दिया गया और न ही धनराशि का भुगतान किया गया।
विपक्षी ने सहारा इंडिया के जरिये जवाब दाखिल किया गया। पक्षों की बहस सुनने के बाद फोरम ने विपक्षीगण सहारा इंडिया को निर्देशित किया कि वे परिवादीगण के जरिये जमा धनराशि की परिपक्वता धनराशि 26,800 रुपये दावा दाखिल करने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक 8 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज सहित निर्णय पारित होने की तिथि से साठ दिन के अंदर भुगतान करें। शारीरिक मानसिक आर्थिक कष्ट के लिए 20,000 रुपये तथा मुकदमा खर्च के रूप में 10,000 रुपये पीड़ितों को 60 दिन के अंदर अदा करें।