संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट काशिफ शेख ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी बनाए गए दो भाइयों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय बहादुर शाही ने बताया कि 23 मई 1997 को एसओ बखिरा के जरिए थाने के अभिलेख का अवलोकन करने पर पता चला कि शैलेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह व संजय सिंह का एक संगठित गिरोह है, जो अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ लूट, हत्या, चोरी व मारपीट जैसे अपराध करते हैं। इस गैंग का अपराधिक क्षेत्र थाना मेंहदावल व बस्ती जिला है। इनके भय से कोई भी उनके विरुद्ध गवाही देने व रिपोर्ट लिखने का साहस नहीं करता है। आरोपी शैलेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह व संजय सिंह इस गैंग के सरगना है। यह सभी आरोपी अपराध करने के आदी हैं। साथियों के आर्थिक भौतिक लाभ के लिए आपराधिक क्रिया-कलाप में लिप्त रहते हैं। तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के अधीन केस दर्ज किया गया। विवेचक ने गवाहों के बयान अंकित किए जाने के बाद आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपियों ने उपरोक्त आरोप से इनकार करते हुए न्यायालय से परीक्षण की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से चार मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए तथा छह अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने यह तर्क प्रस्तुत किया कि गैंग चार्ट में दर्शित जिन मुकदमों के आधार पर आरोपियों को उपरोक्त मुकदमे में आरोपी बनाया गया था। वे सभी समाप्त हो चुके हैं तथा साक्ष्य में सात मुकदमों के निर्णय की सत्यापित प्रतिलिपि दाखिल की गई। जिनमें वे दोष मुक्त हो चुके हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।