धनघटा। शनिचर बाजार में बकाया बिल वसूलने और बिजली की चोरी पकड़ने गए जेई और व्यापारियों के बीच उपजा विवाद गहराता जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर केस दर्ज किए जाने की मांग कर रहे हैं। इधर घटना को हुए 30 घंटे से अधिक समय बीत गया, लेकिन पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ रही है। इसमें कही न कहीं पुलिस दबाव में है और मामले को दबाने में जुटी है।
व्यापारियों का कहना है कि विद्युत उपभोक्ता धर्मेंद्र कसौधन एक भी रुपये के बकाएदार नही हैं। इसके बाद भी जेई बिल बकाया और बिजली चोरी का आरोप लगाकर उनके घर में घुस गए। महिला के साथ अभद्रता की। आरोप है कि जेई झूठा आरोप मढ़ कर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी देते हुए थाने में तहरीर दी। इसकी जानकारी धर्मेंद्र के पिता मारकंडेय कसौधन को हुई तो वह फर्जी मुकदमे के डर से सदमे में आ गए। रात में ही जमा किए गए विद्युत बिल की एक-एक रसीद को तलाश कर वह एकत्रित करने लगे। उसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई।
व्यापारियों का कहना है मारकंडेय की मौत का जिम्मेदार बिजली निगम के जेई अजय कुमार चौरसिया हैं। दूसरी तरफ जेई अजय कुमार चौरसिया का आरोप है कि धर्मेंद्र कसौधन समेत अन्य लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर पीटा और मोबाइल फोन छीन लिया। धर्मेंद्र समेत चार नामजद और 60 से 70 अज्ञात पर कमरे में बंद कर पीटने, मोबाइल फोन छीनने, सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी, लेकिन अभी तक पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
पुलिस कार्रवाई नहीं की तो व्यापारी बनाएंगे आंदोलन की रणनीति
व्यापार मंडल एवं कसौधन वैश्य संगठन के अध्यक्ष राम अजोर कसौधन ने कहा कि जेई की ओर से फर्जी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी मिलने से वृद्घ मारकंडेय कसौधन डर गए। सदमे से दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के जिम्मेदार बिजली निगम के जेई अजय चौरसिया हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक दिन का समय मांगा था, जो मंगलवार की शाम को पूरा हो गया। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करते है तो व्यापारी संघर्ष करने की रणनीति बनाएंगे।
मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
बिजली निगम अवर अभियंता संगठन के जिलाध्यक्ष धनन्जय सिंह ने कहा कि जेई को पीटने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर सोमवार को ही तहरीर दी दी गई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इस संबंध में जिले के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि व्यापारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि जेई दोषी मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। शनिचरा बाजार में हुई घटना न तो बिजली कर्मियों के लिए ठीक है न ही उपभोक्ता व्यापारियों के हित में है। बिजली कर्मचारी अपने उपभोक्ताओं के हित को सर्वाेपरि मानते हुए दिन रात कार्य करते हैं।