सेमरियावां। ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिलजा और ग्राम पंचायत सोनौरा गौसी के ग्राम प्रधान के बीच एक चकरोड पटाई कार्य सीमा विवाद में फंस गया है। तिलजा प्रधान ने अपने गांव की सरहद में चकरोड बताकर मिट्टी पटाई कार्य रोकवा दिया है। तिलजा प्रधान ने गलत तरीके से मिट्टी पटाई कार्य बताकर मंगलवार को बीडीओ को पत्र लिखकर भुगतान न करने की गुहार लगाई है।
ग्राम प्रधान तिलजा मो. इनामुल्लाह कुरैशी ने बताया कि ग्राम पंचायत तिलजा में केकरहवा बाग होते हुए लगभग 900 मीटर की एक चकरोड है। चकरोड के पूरब में सोनौरा गौसी गांव का सिवान शुरू होता है। सोनौरा गौसी गांव के प्रधान ने चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य शुरू करा दिया। इसकी जानकारी होने पर मिट्टी पटाई कार्य रोकवा दिया। अब पता चल रहा है कि उसी चकरोड की 3.90 लाख रुपये की पत्रावली स्वीकृत कराकर और एमबी कराकर भुगतान होने जा रहा है।
बताया कि उनके गांव का दूसरे गांव के प्रधान ने गलत तरीके से पत्रावली बनावाई है, जबकि उन्होंने उसी चकरोड की फाइल तैयार कराई है, लेकिन किसी कारणवश कार्य नहीं शुरू हो सका है। बीडीओ से कार्रवाई के लिए गुहार लगाई गई है। वहीं सोनौरा गौसी के प्रधान सईद अहमद ने बताया कि चकरोड अंग्रेजी के एल आकार का है। थोड़ा हिस्सा तिलजा गांव में हो सकता है, लेकिन चकरोड सोनौरा गौसी गांव में ही है। पैमाइश करा ली जाए, सब पता चल जाएगा। इस संबंध में बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी ने बताया कि सीमा विवाद के चलते कार्य रोक दिया गया है।
हल्का लेखपाल से पैमाइश कराई जाएगी। उसके बाद कार्य शुरू होगा और नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।