संतकबीरनगर। सीडीओ संत कुमार ने विकास खंड सांथा के पुनया में निर्माणाधीन पंचायत भवन का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। जांच में बिना पिलर के ही पंचायत भवन की दीवार खड़ी कर दिए जाने मामला पाया प्रकाश में आया। सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और इसके लिए दोषी एडीओ पंचायत, सचिव और प्रधान का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही।
सीडीओ संत कुमार ने बताया कि पुनया में बनाए जा रहे पंचायत भवन में मानक की अनदेखी की गई है। पंचायत भवन की दीवार छत स्तर पर बिना पिलर के ही खड़ी कर दी गई है। कंसल्ट इंजीनियर के मूल्यांकन के मुताबिक छह लाख रुपये पंचायत भवन पर खर्च हो चुके हैं। इसकी जानकारी एडीओ राधेश्याम को फरवरी में ही हो गई थी। इसके बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। अलबत्ता एडीओ पंचायत ने सचिव को नोटिस जारी करके चुप्पी साध ली। जांच में एडीओ पंचायत, सचिव और प्रधान दोषी पाए गए है। संबंधितों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा तकनीकी जानकारी हासिल कर पंचायत भवन की दीवार को तुड़वाकर पिलर का निर्माण कराया जाएगा। बगैर पिलर के यदि पंचायत भवन बन गया तो काफी कमजोर होगा। आंधी, तूफान में भवन गिरने की संभावना बनी रहेगी।
-
सीडीओ ने शुरू कराई जांच, तो एडीओ पंचायत- सचिव में मची खलबली
संतकबीरनगर। सीडीओ ने पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों की जांच कराने का नया तरीका अख्तियार किया है। सीडीओ अपने साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को ब्लॉक पर ले जा रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों को सचिवों के साथ उनके प्रभार वाले ग्राम पंचायतों में जांच के लिए भेज रहे है। सांथा ब्लॉक में बुधवार को कराई गई जांच में कई जगह पंचायत भवन क्रियाशील नहीं मिले। सामुदायिक शौचालयों में ताले लटके मिले, जबकि केयर टेकर स्वयं सहायता समूहों को मानदेय भुगतान किया जा रहा है। ऐसी स्थिति सामने आने पर एडीओ पंचायत और सचिवों में हड़कंप मच गया है।
सीडीओ संत कुमार बुधवार को जिला दिव्यांगजन अधिकारी प्रियंका यादव और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण मिश्रा के साथा सांथा ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे। वहां सचिवों को बुलाया और उनसे जरूरी जानकारी हासिल की। सीडीओ ने सबसे अधिक ग्राम पंचायतों के प्रभार वाले सचिव और सबसे कम ग्राम पंचायत के प्रभार वाले सचिव के बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि सचिव प्रेमचंद्र यादव के पास 16 ग्राम पंचायतों का प्रभार है, जबकि सचिव आनंद कुमार के पास सबसे कम पांच ग्राम पंचायतों का प्रभार है। सीडीओ ने जिला दिव्यांग जन अधिकारी को सचिव आनंद कुमार के साथ और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सचिव प्रेमचंद्र यादव के साथ जांच में भेजा।
सीडीओ ने बताया कि जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में कई जगह पंचायत भवन क्रियाशील नहीं पाए गए। सामुदायिक शौचालयों में ताले लटक रहे थे। जबकि सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूहों को भुगतान किया जा रहा है। व्यवस्था में सुधार के लिए यह तरीका आगे जारी रखा जाएगा। संवाद