सेमरियावां। मनरेगा में भ्रष्टाचार की जड़ें गहराई तक हैं। शासन व प्रशासन भले ही मनरेगा के तहत ग्रामीणों को लाभ देने की बात कर रही हो, लेकिन ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव मनरेगा के कार्य में भ्रष्टाचार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सेमरियावां ब्लॉक के ग्राम पंचायत ढोढ़ई में मनरेगा कार्य में जेसीबी मशीन से एक तालाब की खुदाई कार्य होना पाया गया। बीडीओ ने कार्य को श्रमदान घोषित किया और उस तालाब पर कोई भी कार्य मनरेगा से नही होने का निर्देश दिया।
गांव के एक व्यक्ति ने शनिवार की शाम को बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी को फोन के जरिये सूचना दी कि ग्राम पंचायत ढोड़ई में मनरेगा कार्य जेसीबी मशीन से कराया जा रहा है, और कार्य का फर्जी भुगतान होने की आशंका है। इससे मनरेगा में मजदूरों का हक छीना जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी ने संयुक्त बीडीओ ओम प्रकाश सिंह, ब्लॉक तकनीकी सहायक उदयभान शर्मा और ग्राम सचिव सुनीता मिश्रा को तुरंत मौके पर पहुंच कर जांच करने का निर्देश दिया। जांच अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर जांच की।
जांच में मौके पर जेसीबी तो नही मिली, लेकिन हकीकत में तालाब खोदाई जेसीबी मशीन से कराया जाना पाया गया। जांच अधिकारियों के जांच रिपोर्ट पर बीडीओ ने कार्रवाई की। बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी ने बताया कि तालाब खुदाई कार्य रोकवा दिया गया है। मनरेगा सेल में पता किया गया है कि अभी इसी कार्य के लिए कोई मस्टररोल जारी नहीं किया गया है। तालाब की खोदाई जेसीबी से होना पाया गया है। कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया गया है। रोक लगा दी गई है कि उस तालाब पर अब कोई भी कार्य मनरेगा से नहीं कराया जा सकेगा।
बीडीओ ने कहा कि किसी भी गांव में मनरेगा में मशीन से कार्य होना पाया गया तो खैर नहीं।