सेमरियावां। मनरेगा योजना से कराए गए विकास कार्यों की सोशल आडिट रिपोर्ट में सेमरियावां ब्लॉक में सात ग्राम पंचायत में अनियमितताएं उजागर हुई हैं। 8,34,564 रुपये का घपला पाया गया है। अनियमितता उजागर होने पर इन ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच गया है। इसमें दोषी ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और टीए पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी ने बताया कि पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही के लिए वित्तीय वर्ष 2021-2022 के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से कराए गए विकास कार्यों के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में सोशल आडिट कराई गई। टीम ने सेमरियावां ब्लॉक के 113 ग्राम पंचायत में सोशल आडिट किया। टीमों ने आडिट रिपोर्ट जिला स्तर पर सौंपी, जिसमें सेमरियावां ब्लाॅक के सात ग्राम पंचायत जिसमें से ग्राम पंचायत बिगरामीर में 6,02,208 रुपये, चमरसन में 17,952 रूपये, गंगैचा में 5712 रूपये, इनायतपुर में 33456 रुपये, करही गांव में 158100 रुपये, पचपोखरिया में 11424 रुपये, रजापुर सरैया में 5712 रुपये कुल मिलाकर 8,34,564 रुपये की अनियमितता उजागर हुई हैं।
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जिला स्तरीय अधिकारियों के निर्देश पर टीम कर पुन: जांच पड़ताल कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधान, ग्राम सचिव, टीए से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और फिर रिकवरी की जाएगी।
-विनोद मणि त्रिपाठी, बीडीओ, सेमरियावां