संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जेल की सजा काटने-वाले कैदियों का पूरा विवरण अब एक क्लिक पर मिलेगा। इसके लिए जेल में बंदियों की पूरी कुंडली ऑनलाइन ई-प्रिजन पोर्टल पर तैयारी की गई है। इसमें हर कैदी के जेल में बिताए दिनों के साथ ही उससे मुलाकात के लिए जेल में आने वालों का पूरा विवरण दर्ज होगा, ताकि किसी भी परिस्थिति में पुलिस इन सूचनाओं का प्रयोग अपराध नियंत्रण के लिए कर सके।
जेल में सजा काटने के बावजूद बाहर संचालित आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गृह विभाग ने अब जेल में बंद कैदियों की कुंडली तैयार कर उसका डेटा बेस सुरक्षित करने को कवायद शुरू की है।
ई-प्रिजन पोर्टल पर जेल में बंद कैदियों के आपराधिक इतिहास के साथ ही उनसे जुड़ी अन्य छोटी-बड़ी जानकारी, जेल में बिताए उनके दिन व इस दौरान उनसे मुलाकात करने के लिए आने वालों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। जानकारों की मानें तो पेशेवर अपराधियों के आपराधिक कृत्य पर अंकुश लगेगा और स्थानीय पुलिस को भी किसी घटना के होने पर उसके खुलासे और जांच में भी सहूलियत मिलेगी।
कारागार में निरुद्ध चल रहे हैं 527 बंदी
जिला कारागार में 800 बंदियों की क्षमता है, जबकि वर्तमान में 527 कैदी बंद हैं। इनमें 20 महिला कैदी, एक एनएसए और एक पिट एनडीपीएस का कैदी शामिल हैं। इन कैदियों का डेटा बेस तैयार करने के लिए जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद शातिर बंदियों को फोटो और फिंगर प्रिंट लेकर उन्हें कंप्यूटर में अपलोड करने के साथ ही शरीर पर उनके पहचान के निशान का सत्यापन भी कराया जा रहा है। इस निशान का जिक्र भी पोर्टल में दर्ज विवरण में होगा।