मौसम बदलने के कारण दिन भर आसमान में बादल छाए रहे।
संतकबीरनगर। बुधवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इससे मौसम में नरमी आ गई है। साथ ही ठंड का असर भी दिखने लगा है। लोग ऊनी कपड़े निकाल लिए हैं। इसके साथ ही किसानों की चिंता बढ़ गई है और धान की फसल कंबाइन से कटवाने में जुट गए हैं।
मौसम का मिजाज बदल रहा है। बुधवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है। बादल छाए रहने से सुबह लोगों को ठंड का एहसास हुआ तो ऊनी कपड़े निकाल लिए। इसके साथ ही ठंड से बचाव के लिए भी उपाय करने में जुट गए हैं।
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मौसम का मिजाज बदलता देख किसान चिंतित
मौसम का मिजाज बदलते देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान धान की कटाई में जुट गए है।जल्द से जल्द फसल की कटाई हो जाए, इसके लिए किसान कंबाइन के सहारे हो गए है। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के किसान बुधवार को सुबह से ही काफी चिंतित नजर आए। जिसका कारण यह रहा की सुबह से ही मौसम बदल गया और बादल आसमान में नजर आने लगे। ऐसे में किसानों की चिंता खेती किसानी को लेकर बढ़ गई। अभी भी अधिकांश किसान धान की नहीं काट पाए हैं। खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, वहीं कई किसानों ने बताया कि अभी फसल पूरी तरह पकी नहीं है। ऐसे में मौसम का मिजाज बदलते देखा किसान चिंतित हो गए और खेतों में लहरा रही। किसान धान की फसल को कच्चा पक्का ही काटने पर आमादा हो गए। बेलौली ग्राम निवासी किसान बैजनाथ यादव, दीपचंद निषाद, हरिप्रसाद, पंडित मकसूदन त्रिपाठी, जगदंबा प्रसाद तिवारी, दिनेश तिवारी, हरिश्चंद्र यादव आदि किसानों ने कहा कि बुधवार को मौसम की मिजाज में परिवर्तन होते देख किसान चिंतित हो गए और यही कारण है कि धान की फसल को कंबाइन मशीन से काटने में जुट गए। यदि बारिश हो गई तो धान की फसल काटने योग्य नहीं रहेगी, जिससे नुकसान का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में फसल का काट लेना मजबूरी है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि जो धान की फसल पक गई है, उसकी कटाई किसानों को करनी चाहिए। जो फसल अभी पकी नहीं है, उसके लिए इंतजार करें।