दावा गड्ढा मुक्त का, सड़कों पर खा रहे हिचकाले
संतकबीरनगर। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की मियाद दो दिन में पूरी हो जाएगी, लेकिन जिले की कई प्रमुख सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं। हालांकि लोक निर्माण विभाग का दावा है कि सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी गई हैं। जिन सड़कों को गड्ढा मुक्त बताया जा रहा है, वहां भी गिट्टियां उखड़ गई हैं। लोगों को हिचकाले खाने पड़ रहे हैं।
लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए शासन ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे। पहले इसके लिए 15 नवंबर तक समय सीमा निर्धारित की गई। बाद में इसकी मियाद 30 नवंबर बढ़ा दी गई। इसमें दो दिन शेष बचे हैं। बाढ़ से प्रभावित क्षेेत्रों में सड़कों की मरम्मत के लिए स्पेशल रिपेयर मानसून डैमेज योजना के लिए नहीं फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। फिर भी विभाग का दावा कर रहा है कि सड़कें गड्ढा मुक्त हो गई हैं।
पड़ताल में विभाग का दावा फेल नजर आ रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में सड़कें बदतर हैं। लोक निर्माण विभाग को जिले में करीब तीन सौ किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करना था। इसमें 100 किलोमीटर सड़क बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की है। इसके लिए बजट ही उपलब्ध नहीं हुआ है। बावजूद इसके सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा किया जा रहा है, इसकी जमीनी हकीकत खुद ही दावे की पोल खोल रही है।
बालू शासन पुल के पास सड़क पर बड़ा होल दिखाई दे रहा है। विधियानी से रेलवे स्टेेशन जाने वाले मार्ग पर गिट्टियां उखड़ गईं हैं। खलीलाबाद से धनघटा मार्ग पर बनियाबारी, चकदही समय माता मंदिर के पास, पायलपार ऐसे स्थान हैं जहां पर पैच वर्क का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां भी गड्ढे सफर में मुसीबत बने हुए हैं।
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कोट
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। पूर्व में एक करोड़ रुपये उपलब्ध थे। इससे कार्य कराए गए हैं। स्पेशल रिपेयर मानसून डैमेज योजना में एक करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। बजट नहीं मिला है, लेकिन अधिकतर सड़कों पर कार्य पूरा हो गया है। बजट उपलब्ध होने पर भुगतान किया जाएगा।
- रामजीत प्रसाद, अधिशासी अभियंता, लोनिवि