100 करोड़ की योजना में सुस्ती
-2023 में मिली थी मंजूरी, 100 करोड़ की हुए थे स्वीकृत
- बदली जानी है पुरानी पाइपलाइनें, नई भी बिछेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम की तल्खी और लू के बीच शहरवासी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। हर घर जल योजना के तहत लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना था। इसके लिए एक साल पहले मंजूरी भी मिल गई थी। करीब 100 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो चुके थे। लेकिन नगर पालिका प्रशासन की सुस्ती इस कदर है कि कार्य का सिर्फ शुभारंभ हो सका है। पालिका का दावा था कि गर्मी शुरू होने से पहले हर घर शुद्ध पानी पहुंच जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर काम भी करेंगे तो इस साल गर्मी में लोगों को पानी नहीं मिल पाएगा। हालांकि नगर पालिका की वर्तमान में व्यवस्था के तहत शहर के 25 वार्डों में से 12 में जलापूर्ति हो रही है।
शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। इसे देखते हुए शहर में हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए 100 करोड़ की परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, करीब एक साल पहले इसकी स्वीकृति भी मिल गई थी। इस परियोजना के तहत एक नई पानी की टंकी बनाई जानी है। साथ ही करीब 150 किलोमीटर पाइपलाइन डाली जानी है। सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों के साथ ही शहर के पुरानी पाइपलाइनों के स्थान पर नई पाइपलाइन बिछाने की योजना है। दावा किया गया था कि गर्मी का मौसम आने से पूर्व परियोजना पूर्ण हो जाएगी और हर घर तक जलापूर्ति की जाएगी, लेकिन पूरा साल बीत गया। परियोजना अमल में नहीं आ सकी।
एक ओवरहेड टैंक के सहारे 12 वार्डों में जलापूर्ति का इंतजाम
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में वर्तमान में जो पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था है, उसमें सिर्फ 12 वार्डों में ही जलापूर्ति हो रही है। एक मात्र ओवरहेड टैंक बना है, जिसकी क्षमता 2200 किलोलीटर है। नब्बे के दशक में बिछाई गई पाइपलाइन जर्जर हो गई है। जिसके कारण अक्सर पाइपलाइनों में लीकेज हो रहा है। जिससे लोगों के घरों में प्रदूषित पानी पहुंच रहा है, जो पीने योग्य नहीं रहता है। लोगों को उम्मीद थी कि पेयजल परियोजना स्वीकृति होने से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन गर्मी का सीजन शुरू होने के बाद भी परियोजना में कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है।
वाटर एटीएम पर लग रही भीड़
शहर के डाक बंगला के सामने पालिका प्रशासन ने वाटर एटीएम लगाया है। यहां सुबह से ही लोग पानी के लिए जुट जा रहे हैं। यह सिलसिला दिनभर चलता रहता है। दूसरी तरफ शहर में लगाए गए इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत न होने से पानी का संकट बना हुआ है। शहर के मैलानी व बैंक चौराहा पर इंडिया मार्का हैंडपंप बेकार पड़े हैं।
बोले शहरवासी
गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत है। नई परियोजना स्वीकृत होने से उम्मीद थी कि लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन पालिका की सुस्ती के कारण लोगों को अब भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
रमेश, मड़या
पालिका प्रशासन ने दावा किया था कि गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है तो इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब हैं। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
- कुलदीप, मैलानी
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ की परियोजना स्वीकृत है। टेंडर आदि प्रक्रिया के कारण देरी हुई है। अब बगहिया में काम शुरू करा दिया गया है। छह माह में परियोजना को पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा।
- जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद