धनघटा। नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा की नई अध्यक्ष ने शुक्रवार को शपथ लेने के बाद अपनी पारी की शुरुआत कर दी। नगर पंचायत हैंसर बाजार में जल निकासी की समस्या तो है ही, साथ ही व्यक्तिगत शौचालय ध्वस्त हो चुके हैं। सामुदायिक शौचालयों पर ताला जड़ा हुआ, जिससे लोग खुले में शौच करने को विवश हैं। नगर में स्वच्छता मिशन को सफल बनाना नए चेयरमैन के लिए चुनौती माना जा रहा है।
विकास खंड हैंसर बाजार के 14 ग्राम पंचायतों के 37 राजस्व गांव को मिलाकर पिछले वर्ष जुलाई में शासन ने नगर पंचायत का दर्जा दिया। नगर पंचायत का दर्जा तो मिल गया, लेकिन करीब 10 माह तक नई नगर पंचायत में सफाई से लेकर किसी भी विकास कार्य से न तो ग्राम पंचायत का मतलब रहा और न ही नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान दिया। बरसात के मौसम ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, तो यहां की जल निकासी की समस्या का समाधान होने की उम्मीद नगर वासियों में बढ़ गई है। मलौली, गागरगाड, सोनाडी, अहरा, परसा कला, दुघरा कला, बंडा बाजार, बेलौरा में बनाए गए सामुदायिक शौचालय कागज में तो पूर्ण हो गए हैं, लेकिन मौके पर अधूरे पड़े हैं। रामनिवास, सुरेंद्र निषाद, अवधेश कुमार, कैलाश नाथ मिश्र, रामकेश, सुनील, रविंद्र आदि का कहना है कि सामुदायिक शौचालय में कहीं सीट नहीं लगी है, तो कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण उस पर ताला लटक रहा है। गांव के लोग खुले में शौच करने को विवश है। इतना ही नहीं अब बरसात का जब मौसम आ गया है, तो रास्तों पर गंदगी का अंबार रहेगा। जब से नगर पंचायत का सृजन हुआ है तभी से ग्राम पंचायत में लगाए गए सफाईकर्मी हटा दिए गए। इसके कारण गांव में सफाई कार्य ठप है।
गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए आधे अधूरे पड़े सामुदायिक शौचालयों की मरम्मत होनी चाहिए। फिर से गुणवत्तापूर्ण घर-घर शौचालय का निर्माण कराया जाना चाहिए।
प्राथमिकता के आधार पर सभी कार्य कराए जाएंगे। नगर को साफ-सुथरा रखना सभी की जिम्मेदारी है। नए कार्य के शुरुआती दौर में थोड़ा समस्या तो सामने आती है, लेकिन बारी-बारी सभी समस्याओं से पार पाते हुए नगर को आदर्श नगर पंचायत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
-रिंकू मणि, अध्यक्ष, नगर पंचायत, हैंसर बाजार